कानपुर, उत्तर प्रदेश। जनपद कानपुर में ‘राष्ट्रीय आविष्कार अभियान’ के तहत विज्ञान की नई इबारत लिखी गई। विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण और रचनात्मक क्षमता को निखारने के लिए जनपद स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी एवं विभिन्न शैक्षिक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया।
जिलाधिकारी ने थपथपाई बच्चों की पीठ
प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रत्येक स्टाल पर जाकर बच्चों के मॉडलों का बारीकी से निरीक्षण किया। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा:
“राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का असली उद्देश्य बच्चों के भीतर दबी जिज्ञासा को बाहर लाना है। आज के ये नन्हे प्रयोगकर्ता ही कल के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के कर्णधार बनेंगे।”
किताबों से बाहर निकलकर सीखें विज्ञान: सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) दीक्षा जैन ने शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल याद करने का विषय नहीं, बल्कि अनुभव करने की कला है। उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि नवाचार आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है।
प्रतियोगिताओं के नतीजे: मेधावियों ने मारी बाजी
विज्ञान प्रदर्शनी और क्विज प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए बच्चों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
विज्ञान प्रदर्शनी के चमकते सितारे:
| स्थान | विजेता विद्यार्थी | विद्यालय एवं ब्लॉक |
| प्रथम | मनु (कक्षा 8) | वि० भौती खेड़ा, कल्याणपुर |
| द्वितीय | मो० हसन (कक्षा 8) | क० वि० गोलियापुर |
| तृतीय | दिव्यांशु कुशवाहा (कक्षा 8) | क० वि० पचौर, चौबेपुर |
| चतुर्थ | रिद्विमा मिश्रा (कक्षा 7) | क० वि० ओरिया, पतारा |
| पंचम | आकाश (कक्षा 6) | क० वि० अनवरगंज, प्रेम नगर |
क्विज प्रतियोगिता में इनका रहा जलवा:
क्विज प्रतियोगिता में कक्षा 8 की कु० साक्षी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि क्रमशः दिव्यांशी (द्वितीय), यति (तृतीय), दिव्यांशी (चतुर्थ) और राहुल (पंचम) स्थान पर रहे।
पुरस्कारों की बौछार: टैबलेट पाकर खिले चेहरे
विजेता छात्र-छात्राओं के प्रोत्साहन के लिए प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी। विज्ञान प्रदर्शनी के शीर्ष विजेताओं को टैबलेट, स्कूल बैग और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को विज्ञान किट प्रदान की गई ताकि वे घर पर भी अपने प्रयोग जारी रख सकें। गौरतलब है कि मॉडल बनाने के लिए विभाग द्वारा प्रत्येक चयनित छात्र को ₹3000 की सहायता राशि पहले ही प्रदान की गई थी।
इस गौरवशाली अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. संतोष कुमार राय, बीएसए सुरजीत सिंह और जिला पंचायती राज अधिकारी मनोज पटेल सहित समस्त शिक्षक संकुल और एआरपी उपस्थित रहे।
