नई दिल्ली/कोलंबो | 9 फरवरी, 2026
क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा मुकाबला यानी भारत बनाम पाकिस्तान, एक बार फिर मैदान से ज्यादा गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज़ के साथ ही पाकिस्तान ने जो ‘बायकॉट’ का नाटक शुरू किया था, अब वह सौदेबाजी पर उतर आया है। ताज़ा अपडेट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने आईसीसी (ICC) के सामने 3 ऐसी शर्तें रख दी हैं, जिन्हें पूरा करने पर ही वह भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले महा-मुकाबले में मैदान पर उतरेगा।
क्या हैं वो 3 ‘अजीब’ शर्तें?
पाकिस्तान की इन शर्तों में आर्थिक लाभ से लेकर खेल की परंपराओं तक का मिश्रण है:
- ICC की कमाई में बड़ा हिस्सा: पाकिस्तान की पहली मांग यह है कि आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। फिलहाल पाकिस्तान को आईसीसी की कुल कमाई का $5.75\%$ हिस्सा मिलता है, लेकिन अब वह भारत-पाक मैच के बहाने और अधिक पैसे की मांग कर रहा है।
- भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज: पीसीबी चाहता है कि आईसीसी भारत सरकार और बीसीसीआई (BCCI) पर दबाव बनाए कि वे पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) बहाल करें। गौरतलब है कि 2013 के बाद से दोनों देशों के बीच कोई सीरीज नहीं हुई है।
- अनिवार्य ‘हैंडशेक’ प्रोटोकॉल: यह सबसे चर्चित और अजीब शर्त है। 2025 एशिया कप के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ न मिलाने (No Handshake) के बाद पाकिस्तान की काफी किरकिरी हुई थी। अब पाकिस्तान चाहता है कि मैच के बाद हाथ मिलाना अनिवार्य किया जाए और ऐसा न करने पर सजा का प्रावधान हो।
क्यों शुरू हुआ ‘हैंडशेक’ और बायकॉट का बवाल?
विवाद की जड़ें 2025 एशिया कप में हैं, जहाँ पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। इस अपमान से तिलमिलाए पाकिस्तान ने पहले तो वर्ल्ड कप बायकॉट की धमकी दी और बांग्लादेश के प्रति ‘एकजुटता’ का बहाना बनाया (क्योंकि बांग्लादेश ने भारत आने से मना किया था)। लेकिन अब जब आईसीसी ने निलंबन और भारी जुर्माने की चेतावनी दी, तो पाकिस्तान शर्तों के साथ ‘यू-टर्न’ लेने की फिराक में है।
ICC और भारत का रुख: ‘झुकेंगे नहीं’
सूत्रों की मानें तो आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि द्विपक्षीय सीरीज का फैसला सरकारों का है, इसमें बोर्ड कुछ नहीं कर सकता। वहीं, बीसीसीआई ने भी साफ संदेश दिया है कि सुरक्षा और राष्ट्रहित से समझौता नहीं होगा। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहले ही कह दिया है कि “हमारा टिकट बुक है, हम कोलंबो जाएंगे, लेकिन सामने कौन होगा ये उनका फैसला है।”
