वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि जारी किए गए नवीनतम जीडीपी आंकड़े भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति और अर्थव्यवस्था की तेज़ गति को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में देश की वास्तविक GDP वृद्धि दर 8.2% दर्ज की गई है, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बना हुआ है।
पहली छमाही (अप्रैल–सितंबर) में GDP वृद्धि औसतन 8% पर पहुँच गई है।
🔹 सुधार, निवेश और राजकोषीय अनुशासन से अर्थव्यवस्था को मजबूती
वित्त मंत्री ने “एक्स” पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह मजबूत वृद्धि निरंतर राजकोषीय समेकन, लक्षित सार्वजनिक निवेश और सरकार द्वारा लागू किए गए सुधारों का नतीजा है। इन कदमों ने न सिर्फ उत्पादकता बढ़ाई है बल्कि व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) भी बढ़ाई है।
उन्होंने आगे बताया कि कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स लगातार मजबूत आर्थिक गतिविधियों और व्यापक उपभोग वृद्धि का संकेत दे रहे हैं।
🔹 मोदी सरकार दीर्घकालिक विकास के लिए प्रतिबद्ध
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने और विकास गति बनाए रखने के लिए सुधारों की दिशा में लगातार काम कर रही है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, पिछली साल की समान तिमाही में यह वृद्धि दर 5.6% थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 8.2% पर पहुँच गई है।
🔹 सेक्टरवार प्रदर्शन: मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेज़ उछाल
सरकार के अनुसार, चालू अवधि में नॉमिनल GDP में 8.7% वृद्धि दर्ज हुई है।
रियल GDP के 8% से ऊपर रहने का बड़ा कारण द्वितीयक और तृतीयक सेक्टर का दमदार प्रदर्शन रहा।
द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि: 8.1%
मैन्युफैक्चरिंग: 9.1%
कंस्ट्रक्शन: 7.2%
तृतीयक क्षेत्र की वृद्धि: 9.2%
फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज: 10.2%
इन दोनों प्रमुख क्षेत्रों में आई बढ़ोतरी ने संपूर्ण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है।