कानपुर। शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एंटी-करप्शन टीम ने सोमवार शाम एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने अनवरगंज जीआरपी (GRP) चौकी प्रभारी प्रेमचंद्र को स्टेशन के सुंदरीकरण का काम कर रहे एक ठेकेदार से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। आरोपी दरोगा ठेकेदार से काम के बदले हर महीने ‘मंथली’ की मांग कर रहा था।
अमृत भारत योजना के ठेकेदार से मांगी ‘मंथली’
जानकारी के मुताबिक, फिरोजाबाद निवासी ठेकेदार संदीप कुमार अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर ‘अमृत भारत योजना’ के तहत प्लेटफार्म नंबर एक और दो पर टाइल्स लगवाने का काम करा रहे हैं। संदीप का आरोप है कि मथुरा निवासी दरोगा प्रेमचंद्र, जो वर्तमान में अनवरगंज चौकी इंचार्ज हैं, उनसे काम जारी रखने के एवज में हर महीने 5,000 रुपये सुविधा शुल्क मांग रहे थे।
विरोध करने पर मारपीट, फिर बिछाया गया जाल
ठेकेदार संदीप कुमार ने बताया कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, तो दरोगा ने उनके साथ मारपीट भी की। इसकी शिकायत कई जगह करने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने एंटी-करप्शन टीम का दरवाजा खटखटाया। टीम ने शिकायत की पुष्टि की और दरोगा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार शाम जैसे ही ठेकेदार ने केमिकल लगे नोट दरोगा को थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उन्हें धर दबोचा।
एफआईआर दर्ज, कल कोर्ट में पेशी
एंटी-करप्शन टीम के थाना प्रभारी जटाशंकर ने बताया कि आरोपी दरोगा प्रेमचंद्र के खिलाफ कोतवाली में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जीआरपी के आला अधिकारियों को भी इस कार्रवाई की सूचना दे दी गई है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
