कानपुर। जनपद के सर्देपुर गांव में रविवार रात हुए दोहरे हत्याकांड ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक सनकी पति ने महज ‘खाना न बनने’ के मामूली विवाद में अपनी छह माह की गर्भवती पत्नी और ढाई साल के मासूम बेटे की बांके से काटकर नृशंस हत्या कर दी। सोमवार शाम पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र यादव को गांव के पास रेलवे ट्रैक से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान इंस्पेक्टर ने पहचान छिपाने के लिए रेलवे कर्मचारी का भेष धरा था।
14 वार पत्नी पर, 8 वार मासूम पर: पोस्टमार्टम में खुली दरिंदगी
सोमवार को हुए पोस्टमार्टम में हत्यारोपी सुरेंद्र की हैवानियत की गवाही रोंगटे खड़े करने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, मासूम लवांश (2.5 वर्ष) के सिर और गर्दन पर 8 वार किए गए थे, जिससे उसके सिर की तीन हड्डियां टूट गई थीं। वहीं, पत्नी रूबी के शरीर पर 12 से 14 गहरे घाव मिले। घर के अंदर का मंजर देख पुलिस की भी रूह कांप गई—एक तरफ थाली में गुंथा हुआ आटा रखा था और दूसरी तरफ खून से सनी दूध की बोतल। पुलिस का अनुमान है कि रूबी खाना बना रही थी और बच्चा दूध पी रहा था, तभी पीछे से सुरेंद्र ने हमला कर दिया।
इंस्पेक्टर ने रेलवेकर्मी बन बिछाया जाल
हत्या के बाद आरोपी सुरेंद्र फरार हो गया था और पुलिस को अंदेशा था कि वह आत्महत्या कर सकता है। सोमवार शाम को सूचना मिली कि वह रेलवे ट्रैक के पास देखा गया है। इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी टीम के साथ रेलवे कर्मियों के कपड़े पहने और ट्रैक पर काम करने का नाटक किया। जैसे ही सुरेंद्र पास आया, पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने जुर्म कुबूल करते हुए कहा कि उसे गुस्सा आ गया था क्योंकि पत्नी ने खाना नहीं बनाया था।
‘बेटे को बहुत चाहता था, शराब ने बर्बाद कर दिया’
आरोपी की बुजुर्ग मां सियादुलारी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र अपने बेटे लवांश से बहुत प्यार करता था, उसके लिए रात-बेरात बिस्किट और चॉकलेट लाता था। उसे पढ़ाने के सपने देखता था। लेकिन शराब की लत ने उसे ऐसा अंधा कर दिया कि उसने अपने ही हाथों से अपना संसार उजाड़ दिया।
