यरूशलेम/बेरूत: दक्षिण लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों (UNIFIL) पर हमले की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने स्वीकार किया है कि खराब मौसम के कारण ‘पहचान में गलती’ होने की वजह से उनके सैनिकों ने UN शांति सैनिकों पर गोलीबारी की।
क्या है पूरी घटना?
UNIFIL की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण लेबनान के अल-हमामेस इलाके में गश्त कर रहे शांति सैनिकों के पास एक इजरायली मर्कावा टैंक से भारी मशीनगन से लगभग 15 राउंड फायरिंग की गई। गोलियां शांति सैनिकों से मात्र 5 मीटर की दूरी पर गिरीं। शांति सैनिकों को तुरंत अपनी जान बचाने के लिए कवर लेना पड़ा और संपर्क चैनलों के जरिए गोलीबारी रुकवाई गई।
इजरायल की सफाई: “खराब मौसम बना कारण”
IDF ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उनके सैनिकों ने दो संदिग्धों को देखा था और उन्हें पीछे हटाने के लिए चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं। बाद में पुष्टि हुई कि वे UNIFIL के जवान थे। इजरायल ने जोर देकर कहा कि उनका इरादा शांति सैनिकों को निशाना बनाने का नहीं था और यह “मिसक्लासिफिकेशन” (गलत पहचान) का मामला है।
संयुक्त राष्ट्र की सख्त चेतावनी
UNIFIL ने इस घटना को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन बताया है। मिशन ने कहा कि उन्होंने पहले ही इजरायली सेना को अपनी गतिविधियों की जानकारी दे दी थी, इसके बावजूद यह हमला हुआ। UN ने इजरायल से शांति सैनिकों के खिलाफ ऐसी ‘आक्रामक’ कार्रवाई तुरंत बंद करने को कहा है।
भारतीय सैनिकों पर भी खतरा?
लेबनान में UNIFIL मिशन में 900 से अधिक भारतीय सैनिक तैनात हैं। इस तरह की घटनाएं भारतीय शांति सैनिकों की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत ने पहले भी सभी पक्षों से शांति सैनिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की है।
