कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यापारी को ओवरड्राफ्ट (OD) लोन दिलाने के नाम पर शातिरों ने बड़ी सफाई से 17.84 लाख रुपये लूट लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कासिफ अली, सूरज, आशीष और स्वाति नामक चार व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
ठगी की शुरुआत: आकर्षक ऑफर का झांसा
मामले की शुरुआत 25 जनवरी 2025 को हुई, जब पीड़ित व्यापारी के पास कासिफ अली का फोन आया। उसने व्यापारी को लुभावनी ओवरड्राफ्ट लोन योजना के बारे में बताया। व्यापारी ने 10 लाख रुपये के लोन के लिए सहमति देते हुए अपने दस्तावेज व्हाट्सएप पर साझा कर दिए। इसके बाद सूरज नाम के व्यक्ति ने लोन प्रोसेसिंग का जिम्मा संभाला।
जालसाजों का ‘पार्ट पेमेंट’ गेम
31 जनवरी को व्यापारी के बजाज फिनसर्व ऐप पर 18 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हो गया। जब व्यापारी ने जरूरत से ज्यादा राशि होने पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने नया दांव खेला। उन्होंने कहा कि “11 लाख रुपये का पार्ट पेमेंट कर दीजिए, जिससे लोन लिमिट स्वतः कम हो जाएगी।” झांसे में आकर व्यापारी ने 3 फरवरी को 11 लाख रुपये जमा कर दिए।
किस्त दर किस्त ठगी का सिलसिला
इसके बाद ठगों ने सेटलमेंट और अन्य शुल्कों के नाम पर व्यापारी से कासिफ, आशीष और स्वाति के माध्यम से 7 लाख, 1 लाख और 2 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में वसूले। हद तो तब हो गई जब अगस्त 2025 में पुराने लोन को फोरक्लोज करने और नया लोन दिलाने के बहाने 8 लाख रुपये और ले लिए गए। ठगों ने व्यापारी के एचडीएफसी बैंक खाते से कुल 17,84,941 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
विश्वास जीतने के लिए अपनाया शातिर तरीका
शातिरों ने व्यापारी का भरोसा जीतने के लिए कुछ महीनों तक उनके खाते में ब्याज की रकम वापस भेजी। लेकिन दिसंबर 2025 के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। जनवरी 2026 में जब व्यापारी ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने पहले आश्वासन दिया और फिर अचानक मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गए।
पुलिस की कार्रवाई
पनकी थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की सर्विलांस टीम और साइबर सेल आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है।
मुख्य बिंदु (Key Points):
- ठगी की राशि: 17,84,941 रुपये।
- आरोपी: कासिफ अली, सूरज, आशीष और स्वाति।
- स्थान: पनकी, कानपुर।
- तरीका: ओवरड्राफ्ट लोन की लिमिट कम करने और पार्ट पेमेंट का झांसा।
- प्लेटफॉर्म: बजाज फिनसर्व ऐप और व्हाट्सएप का दुरुपयोग।
