नई दिल्ली |
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर ‘सांसों का आपातकाल’ लग गया है। पिछले चार दिनों से हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ रहने के बाद शनिवार और रविवार को स्थिति ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 के करीब दर्ज किया गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे एनसीआर में ग्रैप-4 (GRAP-4) की सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं।
इलाकों का हाल: कहाँ कितनी जहरीली हवा?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 437 है, लेकिन कई हॉटस्पॉट्स पर यह डराने वाला है:
- आनंद विहार: 491
- मुंडका: 485
- रोहिणी: 484
- वजीरपुर: 481
- बवाना: 473
ग्रैप-4 की प्रमुख पाबंदियां
- ट्रकों का प्रवेश वर्जित: दिल्ली में केवल आवश्यक वस्तुएं लाने वाले ट्रकों और CNG/LNG/Electric/BS-VI डीजल ट्रकों को ही प्रवेश की अनुमति है।
- कंस्ट्रक्शन पर रोक: सभी प्रकार के निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- कमर्शियल वाहन: दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-III और उससे पुराने डीजल कमर्शियल वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।
- स्कूलों पर निर्णय: प्रदूषण को देखते हुए राज्य सरकार स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने का निर्णय ले सकती है।
सेहत के लिए बड़ा खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि 400 से ऊपर का AQI स्वस्थ लोगों को भी बीमार बना सकता है और पहले से फेफड़ों की बीमारी या अस्थमा से जूझ रहे लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। लोगों को सुबह की सैर से बचने और घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
