आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह द्वारा जनता दर्शन/जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आए फरियादियों की शिकायतों को जिलाधिकारी ने न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि उनके त्वरित समाधान हेतु मौके पर मौजूद और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए।
समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता जनसामान्य की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण करना है। उन्होंने कहा, “शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। किसी भी स्तर पर यदि लापरवाही पाई गई या फरियादी को अनावश्यक चक्कर लगवाए गए, तो संबंधित अधिकारी और पटल सहायक के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े जिले भर के अधिकारी
इस जनसुनवाई की खास बात यह रही कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी (SDM), खंड विकास अधिकारी (BDO) और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी (EO) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाइव जुड़े रहे। जिलाधिकारी ने सीधे ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों से कुछ लंबित प्रकरणों पर सवाल-जवाब किए और उन्हें तत्काल मौका मुआयना कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
प्रमुख रूप से आई ये शिकायतें
जनसुनवाई में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से संबंधित मामले सामने आए:
- राजस्व विभाग: भूमि पैमाइश, अवैध अतिक्रमण और चकरोड संबंधी विवाद।
- विकास खंड: आवास योजना, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन में देरी और मनरेगा भुगतान।
- नगर निकाय: साफ-सफाई, जलभराव और स्ट्रीट लाइट की समस्याएं।
- पुलिस प्रशासन: आपसी विवाद और प्राथमिकी दर्ज होने में हो रही देरी।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल कागजों पर शिकायतों का निस्तारण न दिखाया जाए। उन्होंने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही निस्तारण का मुख्य मानक होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर शिकायतों की हकीकत देखें और यदि संभव हो तो दोनों पक्षों को बैठाकर मामले का निपटारा कराएं।
