माघ मेले में शंकराचार्य पर हमला: संजय राउत ने योगी सरकार को घेरा, कहा- “यह हिंदुत्व का अपमान है” – NewsKranti

माघ मेले में शंकराचार्य पर हमला: संजय राउत ने योगी सरकार को घेरा, कहा- “यह हिंदुत्व का अपमान है”

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। राउत ने इसे 'असली बनाम नकली हिंदुत्व' की लड़ाई बताते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

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ख़बर एक नज़र में :
  • घटना: माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार और पुलिसिया एक्शन।
  • संजय राउत का स्टैंड: इसे हिंदुत्व का अपमान और राजकीय अतिथि के प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया।
  • राजनीति: बीजेपी और शिंदे गुट पर 'नकली हिंदुत्व' का आरोप लगाया।
  • सम्मान: महाराष्ट्र में शंकराचार्य को मिले राजकीय सम्मान का दिया हवाला।

मुंबई/प्रयागराज:

प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और पुलिसिया कार्रवाई का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे न केवल शंकराचार्य का अपमान बल्कि पूरे हिंदुत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है।

योगी सरकार और पुलिस पर सवाल

संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी बात बेबाकी से रखते हैं, जो शायद सत्ता में बैठे कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा, “जिस तरह पुलिस ने उनके ऊपर कार्रवाई की, वह बेहद चिंताजनक है। शंकराचार्य को पूरे देश में राजकीय अतिथि का दर्जा मिला हुआ है, ऐसे में उनके साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है।”

एकनाथ शिंदे की चुप्पी पर निशाना

राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी हमला बोला। उन्होंने याद दिलाया कि जब शंकराचार्य महाराष्ट्र आए थे, तो शिंदे ने उनके चरण धोकर पूजा की थी। राउत ने सवाल किया, “आज वही शिंदे शंकराचार्य के अपमान पर चुप क्यों हैं? जो लोग खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, वे ऐसी घटनाओं पर खामोश रहकर अपनी ‘नकली हिंदुत्व’ की पहचान उजागर कर रहे हैं।”

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हिंदुत्व के लिए चुनौती

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी इस घटना की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का मतलब सिर्फ भाषण देना नहीं, बल्कि अपने धर्मगुरुओं का सम्मान करना भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमारे धर्मगुरुओं को इस तरह प्रताड़ित किया जाएगा, तो हिंदुत्व की रक्षा की बातें बेमानी होंगी।

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