ढाका/नई दिल्ली, 24 जनवरी:
बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच अवामी लीग ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने 12 फरवरी को आम चुनावों के साथ होने वाले प्रस्तावित जनमत संग्रह को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे लोकतंत्र का अपमान बताया है। अवामी लीग का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि देश की जनता को गुमराह करने की एक गहरी साजिश है।
संविधान की अनदेखी का आरोप
अवामी लीग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि संविधान का आर्टिकल 7 स्पष्ट करता है कि गणतंत्र की सारी शक्ति जनता में निहित है। पार्टी के अनुसार, यूनुस सरकार उन तीस सुधार प्रस्तावों को सार्वजनिक नहीं कर रही है, जिन पर वह जनता की राय मांग रही है। अवामी लीग ने सवाल उठाया कि “जब मतदाता को यह पता ही नहीं होगा कि वह किस सुधार के पक्ष या विपक्ष में वोट कर रहा है, तो ऐसी प्रक्रिया को जनमत संग्रह कैसे कहा जा सकता है?”
तख्तापलट और विदेशी दखल का दावा
पार्टी ने अंतरिम सरकार के गठन को ‘विदेशी फंडेड तख्तापलट’ करार दिया है। बयान में कहा गया कि जुलाई 2024 में एक चुनी हुई सरकार को हटाने के लिए सुनियोजित दंगे कराए गए, जिसे इस्लामी कट्टरपंथी समूहों और सेना के कुछ हिस्सों का समर्थन प्राप्त था। अवामी लीग का आरोप है कि यूनुस सरकार अब देश के भविष्य को अंधेरे में धकेल रही है।
पारदर्शिता पर सवाल
अवामी लीग के अनुसार, लोकतांत्रिक भागीदारी की बुनियादी शर्तों और सूचना के अधिकार को कुचला जा रहा है। पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचते हुए कहा कि बिना किसी जनादेश वाली सरकार को देश का ढांचा बदलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
