महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक विस्फोट! जयंत पाटिल का दावा- 'अजीत दादा के निधन से पहले ही तय हो गया था दोनों NCP का विलय', सुनेत्रा पवार की शपथ से पहले मचा हड़कंप - NewsKranti

महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक विस्फोट! जयंत पाटिल का दावा- ‘अजीत दादा के निधन से पहले ही तय हो गया था दोनों NCP का विलय’, सुनेत्रा पवार की शपथ से पहले मचा हड़कंप

अजीत पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़। जयंत पाटिल का दावा है कि दोनों NCP गुटों के विलय की तारीख भी तय हो चुकी थी। इस खुलासे ने महायुति सरकार में हलचल मचा दी है।

admin
By
admin
3 Min Read
ख़बर एक नज़र में :
  • विलय का दावा: जयंत पाटिल का कहना है कि 12 फरवरी को दोनों NCP गुट एक होने वाले थे।
  • गुप्त समझौता: अजीत पवार ने अपने गुट के वरिष्ठ नेताओं को विलय की योजना बता दी थी।
  • तारीख का खुलासा: 16 जनवरी को ही तय हो गई थी विलय की रूपरेखा।
  • राजनीतिक टाइमिंग: सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण से चंद घंटे पहले किया गया बड़ा खुलासा।
  • पवार परिवार की भूमिका: क्या अजीत दादा की मौत से पहले ही शरद पवार और उनके बीच सुलह हो गई थी?

मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को उस समय एक बड़ा धमाका हुआ जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने एक चौंकाने वाला दावा किया। पाटिल ने कहा कि अजीत पवार के आकस्मिक निधन से काफी पहले ही दोनों NCP गुटों (शरद पवार और अजीत पवार) के विलय की पटकथा लिखी जा चुकी थी। उन्होंने दावा किया कि अजीत गुट के शीर्ष नेताओं को इस ‘गुप्त समझौते’ की पूरी जानकारी थी।

जनवरी में ही तैयार हो गया था ‘मर्जर रोडमैप’

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो बयान में जयंत पाटिल ने कहा कि दोनों गुटों के एक होने का निर्णय जनवरी के मध्य में ही अंतिम रूप ले चुका था। उन्होंने तारीखों का हवाला देते हुए बताया कि 16 जनवरी को हुई एक गुप्त बैठक में यह तय हुआ था कि 8 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के ठीक बाद विलय की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि, दिल्ली में कुछ कार्यक्रमों के चलते इस तारीख को बढ़ाकर 12 फरवरी किया गया था।

“प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल को थी पूरी जानकारी”

पाटिल यहीं नहीं रुके, उन्होंने सीधे तौर पर अजीत पवार गुट के दिग्गजों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अजीत दादा ने व्यक्तिगत रूप से प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल जैसे शीर्ष नेताओं को इस विलय के रोडमैप के बारे में सूचित कर दिया था। ये सभी नेता इस पूरी प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत थे।” जयंत पाटिल के इस दावे ने उन कयासों को बल दे दिया है कि क्या अजीत पवार वास्तव में फिर से अपने चाचा शरद पवार के साथ आने की तैयारी कर चुके थे।

- Advertisement -

सुनेत्रा पवार की शपथ और बढ़ता विवाद

यह दावा ऐसे समय में आया है जब आज शाम 5 बजे अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने जा रही हैं। जयंत पाटिल के बयान के बाद महायुति (BJP-शिवसेना-NCP) के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान का मकसद सुनेत्रा पवार के नेतृत्व को कमजोर करना और कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम पैदा करना हो सकता है।

बारामती में हुई ‘बंद कमरा’ बैठक

ताजा घटनाक्रम तब सामने आया जब शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं ने बारामती में शरद पवार के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में सुप्रिया सुले और रोहित पवार भी मौजूद थे। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे भविष्य की रणनीति की बैठक बताया गया, लेकिन जयंत पाटिल के बयान ने इस बैठक की गंभीरता को बढ़ा दिया है।

Share This Article