फौज की जंग जीत घर लौटे जांबाज को जिंदगी ने दी मात: कानपुर में फुटपाथ पर थमीं रिटायर्ड फौजी की सांसें - NewsKranti

फौज की जंग जीत घर लौटे जांबाज को जिंदगी ने दी मात: कानपुर में फुटपाथ पर थमीं रिटायर्ड फौजी की सांसें

जाजमऊ चुंगी के पास एक रिटायर्ड फौजी की फुटपाथ पर मौत हो गई। 30 साल पहले सेना से रिटायर हुए शब्बीर हुसैन किराया लेकर लौट रहे थे, तभी अचानक सीने में दर्द उठा और उनकी सांसें थम गईं।

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ख़बर एक नज़र में :
  • मृतक: शब्बीर हुसैन (75 वर्ष), पूर्व भारतीय सैनिक।
  • स्थान: चुंगी चौराहा, जाजमऊ थाना क्षेत्र, कानपुर।
  • कारण: सड़क किनारे साइकिल खड़ी कर लेटे, हार्ट अटैक की आशंका।
  • दिनचर्या: आत्मनिर्भरता की मिसाल, 75 की उम्र में भी साइकिल से चलते थे।
  • पुलिस कार्यवाही: पंचनामा भरकर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।

कानपुर। जाजमऊ ब्यूरो कहते हैं फौजी कभी रिटायर नहीं होता, वह अंतिम सांस तक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहता है। लेकिन कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में रविवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। 30 साल पहले देश की सीमाओं की रक्षा कर सेवानिवृत्त हुए 75 वर्षीय पूर्व सैनिक शब्बीर हुसैन की रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे अपने दूसरे मकान का किराया लेकर साइकिल से घर लौट रहे थे, तभी अचानक मौत ने उन्हें फुटपाथ पर ही अपनी आगोश में ले लिया।

चुंगी चौराहे के पास अचानक बिगड़ी तबीयत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे जाजमऊ चुंगी चौराहे के पास एक बुजुर्ग अपनी साइकिल से उतरते दिखे। उन्होंने बड़े ही शांत तरीके से अपनी साइकिल सड़क किनारे स्टैंड पर खड़ी की। चेहरे पर पसीना और घबराहट साफ दिख रही थी। वे थककर फुटपाथ के किनारे बैठ गए और कुछ ही पलों में वहीं लेट गए। आसपास के लोगों को लगा कि शायद धूप या थकान की वजह से वे आराम कर रहे हैं, लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई, तो लोगों ने पास जाकर देखा। तब तक उनकी देह शांत हो चुकी थी।

किराया लेकर लौट रहे थे घर: परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक की पहचान जाजमऊ निवासी शब्बीर हुसैन (75) के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि शब्बीर हुसैन बेहद अनुशासित व्यक्ति थे। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे किसी पर निर्भर नहीं थे। रविवार को वे अपनी साइकिल उठाकर अपने दूसरे मकान का किराया वसूलने निकले थे। रास्ते में संभवतः उन्हें कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) हुआ। जब काफी देर तक वे घर नहीं पहुंचे, तो परिवार चिंतित था, तभी पुलिस के जरिए उन्हें इस दुखद हादसे की सूचना मिली।

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30 साल पहले सेना से हुए थे रिटायर

शब्बीर हुसैन भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके थे और करीब तीन दशक पहले रिटायर हुए थे। इलाके के लोग उन्हें ‘फौजी साहब’ कहकर पुकारते थे। उनके पड़ोसियों का कहना है कि वे सुबह की सैर और साइकिल चलाने के शौकीन थे, शायद यही वजह थी कि 75 साल की उम्र में भी वे पूरी तरह सक्रिय थे। जाजमऊ थाना प्रभारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला दिल का दौरा पड़ने का लग रहा है। परिजनों की गुहार पर बिना पोस्टमार्टम के शव उन्हें सौंप दिया गया है।

जाजमऊ में पसरा मातम

घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। एक पूर्व सैनिक का इस तरह सड़क किनारे बेबस होकर दुनिया छोड़ जाना लोगों को कचोट रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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