कानपुर: डीएवी कॉलेज में एबीवीपी का बड़ा आंदोलन, 13 सूत्रीय मांगों पर

कानपुर: डीएवी कॉलेज में एबीवीपी का आर-पार का ऐलान, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कॉलेज प्रशासन को घेरा

कानपुर के ऐतिहासिक डीएवी कॉलेज में एबीवीपी इकाई ने प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 13 मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है।

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ख़बर एक नज़र में :
  • अल्टीमेटम: प्रशासन को कार्रवाई के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है।
  • सुरक्षा: प्रत्येक विद्यार्थी की गेट पर आई-कार्ड स्कैनिंग अनिवार्य करने की मांग।
  • सुविधाएं: पेयजल, लॉकर रूम, पार्किंग और छात्राओं के लिए वेंडिंग मशीन की मांग।
  • चेतावनी: समाधान न होने पर कॉलेज प्रशासन ही किसी भी अप्रिय स्थिति का जिम्मेदार होगा।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित डीएवी कॉलेज (DAV College, Kanpur) में शनिवार को माहौल उस समय गरमा गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की इकाई ने कॉलेज प्रशासन की कथित मनमानी और कैंपस की बदहाली के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक के बीच, छात्र नेताओं ने प्राचार्य को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और स्पष्ट किया कि यदि दो सप्ताह के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो कॉलेज में तालाबंदी और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

विनायक पाण्डेय के नेतृत्व में छात्रों का हुंकार

एबीवीपी इकाई अध्यक्ष विनायक पाण्डेय के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र प्राचार्य कार्यालय के बाहर जमा हुए। नारों और प्रदर्शन के बीच विनायक पाण्डेय ने कहा, “डीएवी कॉलेज का गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन वर्तमान प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। हम पिछले 77 वर्षों से छात्रहित में लड़ रहे हैं और अब चुप नहीं बैठेंगे।”


कैंपस सुरक्षा और शैक्षणिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मुद्दा कैंपस सुरक्षा का रहा। परिषद ने मांग की है कि कॉलेज के मुख्य द्वारों पर आई-कार्ड (I-Card) की अनिवार्य जांच हो, ताकि बाहरी अराजक तत्वों के प्रवेश पर लगाम लग सके। इसके अलावा, शैक्षणिक अव्यवस्था को लेकर छात्रों ने कड़ा ऐतराज जताया:

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  • कॉमर्स की कक्षाएं: ऑडिटोरियम के बजाय नियमित कमरों में संचालित की जाएं।
  • लाइब्रेरी की समस्या: रीडिंग रूम में चल रहे ‘डिजिटल मूल्यांकन’ कार्य को तुरंत हटाया जाए ताकि छात्रों को पढ़ने की जगह मिल सके।
  • लैब टाइमिंग: छात्रों को प्रयोगात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

फेलोशिप और प्रशासनिक पारदर्शिता का मुद्दा

शोधार्थियों (Research Scholars) की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए एबीवीपी ने आरोप लगाया कि छात्रों की फेलोशिप पिछले 6 से 8 महीनों से रुकी हुई है। छात्रों ने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए। साथ ही, प्राचार्य की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मांग की गई कि वे छात्रों से मिलने का एक निश्चित समय तय करें और उसका बोर्ड कार्यालय के बाहर लगाएं।


छात्राओं की सुविधा और कैंपस इन्फ्रास्ट्रक्चर

परिषद ने छात्राओं के हितों की रक्षा करते हुए गर्ल्स कॉमन रूम में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने और शौचालयों की दैनिक सफाई की मांग की। कैंपस में पीने के साफ पानी की कमी, खराब वाटर कूलर और कक्षाओं में टूटी सीटों व बंद पड़े पंखों को लेकर भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया गया।

पुलिस और छात्र आमने-सामने, तनावपूर्ण स्थिति

विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। छात्र नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच संवाद के माध्यम से आंदोलन को शांत करने की कोशिश की गई। फिलहाल कॉलेज परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे छात्रों और प्रशासन के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

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