कानपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कानपुर मेट्रो ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत निर्माणाधीन बर्रा-7 मेट्रो स्टेशन पर आज पहले ट्रैक-बीम की कास्टिंग (ढलाई) का कार्य सफलतापूर्वक शुरू हो गया। 4.50 किमी लंबे एलिवेटेड सेक्शन के लिए यह एक बड़ा तकनीकी मील का पत्थर माना जा रहा है।
मेट्रो की ‘रीढ़’ है ट्रैक-बीम: सुरक्षा और स्थिरता की गारंटी
ट्रैक-बीम को मेट्रो रेल प्रणाली की ‘रीढ़ की हड्डी’ कहा जाता है। यह वह संरचना है जो न केवल पटरियों को मजबूत आधार प्रदान करती है, बल्कि ट्रेन के वजन और यात्रियों के भार को पिलर्स तक समान रूप से वितरित करती है। बर्रा-7 में ढाला जा रहा यह ट्रैक-बीम लगभग 61 मीटर लंबा और 25 मीटर चौड़ा है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इससे यात्रा सुगम, झटकों से मुक्त और सुरक्षित सुनिश्चित होती है।
कॉरिडोर-2 का खाका: एलिवेटेड और अंडरग्राउंड का संगम
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के अनुसार, 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसमें:
- एलिवेटेड सेक्शन (4.50 किमी): इसमें 5 स्टेशन शामिल हैं— एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8।
- अंडरग्राउंड सेक्शन (4.10 किमी): इसमें 3 स्टेशन शामिल हैं— रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया। यहाँ वर्तमान में टनलिंग का कार्य प्रगति पर है।
“कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 में सिविल निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में पूरे किए जा रहे हैं। कॉरिडोर-1 पर सफल संचालन के बाद अब हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द पूरे शहर को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है।” — श्री सुशील कुमार, प्रबंध निदेशक, UPMRC
मुख्य बिंदु (Key Points)
- ट्रैक-बीम की लंबाई: 61 मीटर, चौड़ाई: 25 मीटर।
- कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई: 8.60 किमी।
- एलिवेटेड सेक्शन में कुल 5 स्टेशनों का निर्माण।
- कॉरिडोर-1 (IIT से कानपुर सेंट्रल) पर सेवाएं पहले से ही संचालित हैं।
