बलूचिस्तान में 'ब्लैक स्टॉर्म': महिला फिदायीन आसिफा और हवा बलोच ने दहलाया पाकिस्तान; हमले के पीछे की खौफनाक साजिश - NewsKranti

बलूचिस्तान में ‘ब्लैक स्टॉर्म’: महिला फिदायीन आसिफा और हवा बलोच ने दहलाया पाकिस्तान; हमले के पीछे की खौफनाक साजिश

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में BLA का 'ब्लैक स्टॉर्म'! दो महिला फिदायीन—आसिफा मेंगल और हवा बलोच—ने सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना। 190 से ज्यादा मौतें और सुलगता बलूचिस्तान। पढ़ें हमले की इनसाइड स्टोरी।

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ख़बर एक नज़र में :
  • समन्वित हमला: एक ही समय पर 12 अलग-अलग जिलों में विस्फोट और गोलीबारी।
  • महिला फिदायीन: आसिफा मेंगल ने ISI मुख्यालय पर आत्मघाती हमला किया।
  • हथियारों का जखीरा: हमलावरों ने रॉकेट लॉन्चर, IED और अत्याधुनिक राइफलों का इस्तेमाल किया।
  • सरकारी प्रतिक्रिया: बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगटी ने इसे पाकिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताते हुए 'जीरो टॉलरेंस' की बात कही है।

क्वेटा/इस्लामाबाद पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर रक्त रंजित है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण का आगाज करते हुए पूरे प्रांत में समन्वित हमले किए हैं। इस बार इस हमले की सबसे चौंकाने वाली बात ‘मजीद ब्रिगेड’ की महिला फिदायीन लड़ाकों की सक्रिय भागीदारी है। BLA ने आधिकारिक तौर पर दो महिला आत्मघाती हमलावरों—आसिफा मेंगल और हवा बलोच—की तस्वीरें और वीडियो जारी कर पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को खुली चुनौती दी है।

कौन हैं आसिफा मेंगल और हवा बलोच?

BLA द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, आसिफा मेंगल (24 वर्ष) नुश्की की निवासी थी। उसने अपने 21वें जन्मदिन पर संगठन की आत्मघाती इकाई ‘मजीद ब्रिगेड’ में शामिल होने का फैसला किया था। शनिवार को आसिफा ने विस्फोटक से भरी गाड़ी लेकर नुश्की स्थित ISI मुख्यालय को निशाना बनाया।

वहीं, हवा बलोच ने ग्वादर में सैन्य ठिकानों पर हुए हमले का नेतृत्व किया। हमले से पहले जारी एक वीडियो में हवा बलोच मुस्कुराते हुए और हाथ में भारी हथियार लिए पाकिस्तानी हुकूमत को ललकारती नजर आ रही है। उसने अपने संदेश में कहा, “दुश्मन के दिन गिनती के बचे हैं, बलूच कौम को अब जागना होगा।”

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‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’: 12 जगहों पर एक साथ प्रहार

यह हमला पिछले कई दशकों में पाकिस्तानी सेना पर हुआ सबसे बड़ा और घातक हमला बताया जा रहा है। 31 जनवरी और 1 फरवरी की दरम्यानी रात को शुरू हुआ यह तांडव क्वेटा, ग्वादर, नुश्की, मस्तुंग और पंजगुर समेत 12 से अधिक इलाकों में फैला।

  • ISI और FC मुख्यालय पर हमला: नुश्की में भीषण विस्फोट के बाद घंटों गोलीबारी चली।
  • जेल और पुलिस स्टेशन: क्वेटा में एक हाई-सिक्योरिटी जेल पर हमला कर कैदियों को छुड़ाने की कोशिश की गई।
  • मौतों का आंकड़ा: आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हिंसा में अब तक 17 सुरक्षाकर्मी और 31 नागरिकों समेत कुल 190 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में हमलावर भी शामिल हैं।

रणनीति में बदलाव: ‘सॉफ्ट टारगेट’ से ‘हार्ड मिलिट्री बेस’ तक

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि BLA ने अपनी रणनीति बदल दी है। पहले जहाँ छिटपुट हमले होते थे, अब महिला फिदायीन का इस्तेमाल कर ‘हाई-वैल्यू’ मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। शारी बलोच (2022 की हमलावर) के बाद आसिफा और हवा का आना यह संकेत देता है कि बलूच विद्रोह में शिक्षित और युवा महिलाएं भी आत्मघाती दस्ते का हिस्सा बन रही हैं।

निष्कर्ष: सुलगते बलूचिस्तान का भविष्य?

पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान अब एक ऐसा नासूर बन गया है, जिसका इलाज सैन्य शक्ति से संभव नहीं लग रहा। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के केंद्र ‘ग्वादर’ में हुए ये हमले बीजिंग के लिए भी चिंता का विषय हैं। महिला फिदायीन के बढ़ते कदम यह बताते हैं कि आने वाले दिन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।

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