कानपुर | उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की समीक्षा बैठक सोमवार को कानपुर मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मण्डलायुक्त ने बैंक अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस कारण के आवेदन निरस्त करने वाले शाखा प्रबंधकों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
50 प्रतिशत आवेदन निरस्त होने पर जताई चिंता
मण्डलायुक्त ने समीक्षा के दौरान पाया कि बैंक शाखाओं द्वारा प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष 50 प्रतिशत से अधिक आवेदन बिना किसी ठोस आधार के निरस्त किए जा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर से शाखा प्रबंधकों को आवेदनों की गंभीरता से स्क्रूटनी करने के निर्देश दें। मण्डलायुक्त ने कहा, “मात्र पेंडेंसी शून्य दिखाने के लिए आवेदन निरस्त करना योजना के मूल उद्देश्य के साथ खिलवाड़ है।”
लंबित 3313 प्रकरणों पर युद्धस्तर पर होगा काम
बैठक में आंकड़ों के जरिए बताया गया कि कानपुर मण्डल (कानपुर नगर, देहात, इटावा, औरैया, फर्रूखाबाद और कन्नौज) में कुल 3313 प्रकरण ऋण स्वीकृति हेतु लंबित हैं। इसके अलावा, 679 ऐसे मामले भी सामने आए जहां ऋण स्वीकृत तो हो चुका है लेकिन वितरण की कार्यवाही अनावश्यक रूप से लटकी हुई है। मण्डलायुक्त ने इन सभी मामलों का त्वरित निस्तारण कर ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
रोजगार सृजन: एक साल में 3 लाख लोगों को मिला काम
योजना की सफलता का जिक्र करते हुए अध्यक्ष ने बताया कि विगत एक वर्ष में इस अभियान के माध्यम से लगभग 03 लाख व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़ चुके हैं। योजना को और सुगम बनाने के लिए मोबाइल एप भी लॉन्च की गई है, जिससे लाभार्थियों का डेटा और आवेदन की स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
बृहत मेगा लोन शिविरों का होगा आयोजन
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए एमएसएमई (MSME) क्षेत्र में निवेश और ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए मण्डलायुक्त ने बैंकों को मेगा लोन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा उद्यमी को आवेदन प्रक्रिया में समस्या आ रही है, तो बैंक शाखाएं ‘हैंडहोल्डिंग’ (Handholding) के जरिए उनकी सहायता करें।
