कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में शीतलहर और गिरते पारे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर बेसहारा लोगों के लिए नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरे जीवनदायिनी साबित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज पाँच दिनों के भीतर जिले के विभिन्न आश्रय गृहों में 2707 निराश्रितों ने सुरक्षित शरण ली है।
35 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शासन की मंशा के अनुरूप, कानपुर नगर निगम ने पूरे जनपद को छह जोनों में बांटकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की हैं। वर्तमान में शहर में 30 स्थायी और 5 अस्थायी (कुल 35) रैन बसेरे पूरी तरह क्रियाशील हैं।
- सुविधाएं: प्रत्येक केंद्र पर रजाई, गद्दे, कंबल और तकिए निःशुल्क उपलब्ध हैं।
- अलाव व्यवस्था: ठंड से बचाव के लिए हर रैन बसेरे के मुख्य द्वार पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
- अतिरिक्त तैयारी: अपर नगर आयुक्त मो0 अवेश खान ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी केंद्र पर क्षमता से अधिक लोग पहुँचते हैं, तो तत्काल अतिरिक्त बिस्तरों का प्रबंध किया जा रहा है।
- सुतरखाना आश्रय गृह: सुविधाओं में ‘नंबर वन’
दीन दयाल अन्त्योदय योजना (DAY-NULM) के तहत सुतरखाना (नौ नंबर रेलवे स्टेशन मार्ग) में निर्मित तीन मंजिला अत्याधुनिक रैन बसेरा निराश्रितों की पहली पसंद बना हुआ है। - क्षमता व विभाजन: 50 बेड वाले इस केंद्र में महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग वार्ड हैं।
- आधुनिक सुविधाएं: यहाँ अटैच टॉयलेट, स्वच्छ आरओ पेयजल, परिसर में पाथवे और सुंदर फुलवारी की व्यवस्था है।
- आंकड़े: 14 दिसंबर को यहाँ रिकॉर्ड 122 लोगों ने आश्रय लिया। 19 से 22 दिसंबर के बीच भी यहाँ लगातार 50 से अधिक लोग रुक रहे हैं।
- झकरकटी बस स्टैंड: यात्रियों और बेघरों का रक्षक
बस अड्डे के पास स्थित 29 बेड की क्षमता वाले अस्थायी रैन बसेरे में भी आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। - डिजिटल सुविधा: यहाँ हर दो बेड के बीच मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा दी गई है, जो मुसाफिरों के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है।
- बढ़ती संख्या: 20 दिसंबर को यहाँ क्षमता से कहीं अधिक 73 लोगों ने शरण ली, जबकि 22 दिसंबर को यह संख्या 67 रही।
- प्रशासनिक रुख: “कोई भी खुले में न सोए”
अपर नगर आयुक्त मो0 अवेश खान ने बताया कि नगर निगम की टीमें रात में गश्त कर रही हैं ताकि सड़कों के किनारे सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर का एक भी व्यक्ति ठंड में असुरक्षित न रहे। सभी को सम्मानजनक और स्वच्छ वातावरण में आश्रय देना हमारी प्राथमिकता है।”
