कानपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट पनकी धाम और क्राइम विंग कानपुर व ग्वालियर की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मालगाड़ी से डीजल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए चोर पिछले साल नवंबर महीने से पुलिस और आरपीएफ की आंखों में धूल झोंक रहे थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में चोरी का डीजल और चोरी में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किए हैं।
झाड़ियों और नालों में छिपाया था ‘काला सोना’
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल कुमार, अंकित (निवासी कैरानी, शिवली, कानपुर देहात) और आसेनंद सिंह उर्फ वसु सिंह (निवासी भैरमपुर, सचेंडी) के रूप में हुई है। आरपीएफ इंस्पेक्टर रजनीश राय ने बताया कि 20-21 नवंबर की रात को डीएफसीसीआइएल (DFCCIL) न्यू भाऊपुर स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी से सैकड़ों लीटर डीजल चोरी हुआ था। चोरों ने पकड़े जाने के डर से इस तेल को भाऊपुर-मैथा मार्ग के किनारे एक नाले और झाड़ियों में छिपा दिया था।
घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
आरपीएफ को सटीक सूचना मिली थी कि चोर चोरी किए गए डीजल को बेचने की फिराक में हैं और उसे नाले से निकालकर वाहनों पर लाद रहे हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने मौके पर छापेमारी की। वहां बिना नंबर की एक इलेक्ट्रिक ऑटो और एक ओमनी वैन पर आरोपी डिब्बे लाद रहे थे। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
बरामदगी का विवरण:
- डीजल: 550 लीटर (चोरी का)।
- डिब्बे: 10 भरे हुए और 3 खाली प्लास्टिक के डिब्बे।
- उपकरण: चोरी में प्रयुक्त लंबी रस्सी और पाइप।
- वाहन: एक बिना नंबर का इलेक्ट्रिक ऑटो और एक ओमनी वैन।
टीम में शामिल जांबाज:
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रजनीश राय, उप निरीक्षक राजीव चौबे, सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मनीष यादव, क्राइम विंग के नरेंद्र मौर्या, कांस्टेबल मोहित और आदर्श शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के दो अन्य फरार साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
