कानपुर। गुजरात के एक शातिर ने चांदी का माल भेजने का झांसा देकर सराफा कारोबारी को 10 लाख का चूना लगा दिया। माल न आने व शातिर का फोन स्विच ऑफ मिलने पर कारोबारी को ठगी का अहसास हुआ। वह गुजरात गए लेकिन वहां भी कुछ पता नहीं लगा। पीड़ित ने गोविंदनगर थाने में आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। गोविंदनगर सी ब्लॉक निवासी जीतेंद्र कुमार चांदी के थोक कारोबारी हैं। उनकी चौक में बालाजी गोल्ड एंड सिल्वर के नाम से ज्वैलरी की दुकान है।
ठगी का शिकार कारोबारी जीतेंद्र ने बताया कि सराफा कारोबारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है। ग्रुप में चांदी-सोने की खरीद फरोख्त करने वाले देशभर के कारोबारी जुड़े हैं। इनमें गुजरात के राजकोट निवासी मनीष छगनभाई मकवाना भी जुड़ा हुआ था। मनीष ने बीते अक्टूबर माह में कुछ गहनों की फोटो भेजीं थीं। पसंद आने पर उनसे व्यापार के सिलसिले में बातचीत हुई। इसके बाद उसने 30 लाख का माल भेजने का वादा किया। कहा कि दीपावली होने के चलते कम से कम 10 लाख की पेमेंट कर दें और बाकी का भुगतान बाद में कर दीजिएगा।
उसकी बात पर भरोसा कर 17 अक्टूबर को बेटी की शादी के लिए रखे 10 लाख रुपये का उन्होंने आरटीजीएस कर दिया। इसके बाद जब माल नहीं आया तो उसे फोन मिलाया। हालांकि वह स्विच ऑफ था। उन्होंने जो रुपये फेडरल बैंक के खाते में 10 लाख रुपये जमा किए थे वह अगले दिन एक साथ निकाल लिए गए। आरोपित की तलाश में राजकोट भी गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो पहले उन्हें साइबर थाने में और बाद में गोविंदनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। गोविंदनगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।