कानपुर: उत्तर प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शुमार कानपुर के हैलट अस्पताल के दिन अब बहुरने वाले हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये का एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस योजना के तहत अस्पताल के पुराने और जर्जर हो चुके वार्ड संख्या 5 से 16 तक को तोड़कर वहां एक भव्य मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा।
क्यों पड़ी नए भवन की जरूरत?
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि पुराने भवनों का जीर्णोद्धार करना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं था, क्योंकि मरम्मत और नए निर्माण की लागत लगभग समान आ रही थी। जर्जर हो चुके इन वार्डों की जगह अब 9 मंजिला आधुनिक इमारत खड़ी होगी, जिसमें तीन बेसमेंट भी शामिल होंगे।
5000 बेड वाला अस्पताल बनेगा हैलट:
इस नए भवन के बनने से हैलट अस्पताल में बेडों की क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी। वर्तमान में यहाँ 2354 बेड हैं। नए प्रस्ताव में 2000 अतिरिक्त बेड और ट्रॉमा सेंटर के 700 बेडों को मिलाकर अस्पताल की कुल क्षमता लगभग 5000 बेड की हो जाएगी। इससे न केवल कानपुर बल्कि आसपास के कई जिलों से आने वाले मरीजों को भर्ती होने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
337 नर्सों की भर्ती से मिलेगी मजबूती:
इलाज की गुणवत्ता सुधारने के लिए इसी महीने हैलट को 337 नई स्टाफ नर्स मिल जाएंगी। लखनऊ में साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नर्सों की इस बड़ी खेप के आने से अस्पताल में मैनपावर की कमी दूर होगी और काफी समय से लंबित ‘बर्न यूनिट’ को भी स्टाफ के साथ जल्द शुरू किया जा सकेगा।
