मानी कला(जौनपुर ):- में 42 से 45 डिग्री की तप तपती दोपहर में जबरोज़ेदार खुद भुखे प्यासे रहकर
जगह जगह पर प्यासे श्रमिको को भोजन एवं ठंडा पानी पिलाते नजर आ रहे थे इसी बीच माहे रमजान का महीना पूरा हो गया
और कब ईद आ गई है,पता ही नही चला मोहब्बत का ये त्योहार इस बार बेरौनक नही है बल्कि कपड़ो से पहचाने जाने वाले इस दौर में इनकी मोहब्बत से ईद जगमगा उठी है,
कल ईदगाह भले ही सूनी रहेगी पर इनका सबाब हर ओर बिखर गया है, हर भूखे-प्यासे, थके हुये श्रमिको की राहत से इनके चेहरे दमके हैं,
और श्रमिको की दुआओं ने इस ईद को कई गुना खूबसूरत बना दिया है। भाइयों आपकी सभी की मोहब्बत ज़िंदाबाद रहे,आप आबाद रहें
और ईद की दिली मुबारकबाद के साथ ही ढहती इंसानियत को यूँ थाम लेने के लिए दिल से शुक्रिया।
अपनी ख़ुशियाँ भूल जा सबका दर्द ख़रीद
सैफ़ी’ तब जा कर कहीं तेरी होगी ईद
मानी कला,बरंगी,सोगर,मवई, गयासपुर नोनारी, मानी खुर्द,गुरैनी, भुड़कुड़हा, आदि ग्राम सभा मे शांतिपूर्वक ईदउल फितर की नमाज अदा की गई जहाँ जहाँ ईदगाह थी एवं बाकी सभी मस्जिदों में व घरो में पाच पाच लोगो का ग्रुप बना कर नमाज हुई ताकि इस कोरोना महामारी में किसी प्रकार का कोई कानून का उलंघन न हो और सोशल डिस्टेसिग बानी रहे और किसी तरह का कोई जमावड़ा न लग सके
हर ईदगाह पर पुलिस की पैनी नज़र बानी रही और पहले से ईदगाह एवं मस्जिदों के बाहर जाकर पुलिस कर्मी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम देते दिखे
नमाज अदा कराई
मौलाना अब्दुर्रहीम साहब, हाफिज रशीदुद्दीन,हाफ़िज गयास,हाफिज जुबैर, हाफ़िज असजद,हाफ़िज अखलद,हाफिज अमज़द,मोहम्मद मुजीबुद्दीन,आदि
