हमारे हत्थे चढ़ा होता तो हम…’, नीतीश कुमार के नकाब हटाने को लेकर भड़के AIMIM नेता ने दी धमकी, जानें और क्या कहा? – NewsKranti

हमारे हत्थे चढ़ा होता तो हम…’, नीतीश कुमार के नकाब हटाने को लेकर भड़के AIMIM नेता ने दी धमकी, जानें और क्या कहा?

बिहार में आयुष चिकित्सकों के नियुक्ति कार्यक्रम के दौरान महिला डॉक्टर का नकाब हटाने के मामले में सियासी घमासान तेज हो गया है। AIMIM नेता इम्तियाज जलील और संजय निषाद के बयानों ने विवाद को और हवा दे दी है।

Saniya Soni
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Highlights
  • आयुष नियुक्ति समारोह में महिला डॉक्टर का नकाब हटाने से शुरू हुआ विवाद
  • AIMIM नेता इम्तियाज जलील का बिना नाम लिए सीएम नीतीश कुमार पर हमला
  • यूपी मंत्री संजय निषाद के बयान से बढ़ा बवाल
  • AIMIM प्रवक्ता आसिम वकार का भी तीखा बयान
  • सपा नेता सुमैया राणा ने संजय निषाद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष विभाग के चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपने के दौरान महिला डॉक्टर का नकाब हटाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। यह विवाद अब बिहार से निकलकर राष्ट्रीय सियासत का मुद्दा बन चुका है।

इस मामले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और सांसद इम्तियाज जलील ने एक सार्वजनिक सभा में बेहद तीखा और विवादित बयान दिया। बिना नाम लिए उन्होंने नीतीश कुमार और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद को निशाने पर लिया।

इम्तियाज जलील ने कहा कि अगर कोई यह समझता है कि वह किसी मुस्लिम महिला का नकाब खींच सकता है और कोई विरोध नहीं होगा, तो यह उसकी भूल है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा व्यक्ति उनके सामने होता तो वे चुप नहीं बैठते।

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वहीं AIMIM के प्रवक्ता आसिम वकार ने भी एक टीवी डिबेट में संजय निषाद के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिससे राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई।

क्या कहा था संजय निषाद ने?

पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने एक लोकल चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि “नकाब उतरने पर इतना बवाल मच गया, अगर कहीं और छू देते तो क्या होता।” इस टिप्पणी को विपक्षी दलों ने महिला सम्मान और संवेदनशीलता के खिलाफ बताया।

समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा ने इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए लखनऊ के एक थाने में संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाज़ी, महिला सम्मान और संवैधानिक मर्यादाओं के सवाल पर केंद्रित हो गया है, जिस पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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