कानपुर में कलयुगी ममता: कड़कड़ाती ठंड में छत पर झोले में मिला नवजात, अलाव से गर्माहट देकर बचाई गई मासूम की जान – NewsKranti

कानपुर में कलयुगी ममता: कड़कड़ाती ठंड में छत पर झोले में मिला नवजात, अलाव से गर्माहट देकर बचाई गई मासूम की जान

कानपुर के बर्रा इलाके में गुरुवार देर रात एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। कड़कड़ाती ठंड के बीच किसी ने मासूम को झोले में भरकर एक घर की छत पर छोड़ दिया था। रोने की आवाज सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने अलाव जलाकर बच्चे को गर्मी दी और अस्पताल पहुँचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।

Saniya Soni
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Highlights
  • स्थान: जरौली फेज वन, मायावती कॉलोनी (बर्रा), कानपुर।
  • घटना: बबलू भदौरिया नामक युवक की छत पर झोले में बंद मिला नवजात।
  • बचाव: ठंड से कांप रहे बच्चे को अलाव से सेंककर हॉस्पिटल में कराया गया भर्ती।
  • इंसानियत: स्थानीय निवासियों अमिता, निशा और संदीप की तत्परता से बची जान।
  • पुलिस कार्रवाई: डीसीपी साउथ ने मामले की पुष्टि की, बच्चे को फेंकने वालों की तलाश जारी।

कानपुर के बर्रा थानाक्षेत्र में एक ओर जहाँ दिसंबर की कड़ाके की ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर ममता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जरौली इलाके में गुरुवार देर रात एक अज्ञात व्यक्ति ने नवजात शिशु को झोले में भरकर एक मकान की छत पर लावारिस छोड़ दिया। समय रहते मासूम के रोने की आवाज सुन ली गई, वरना सर्द रात उसकी जान ले सकती थी।

झोले में कैद थी ‘नन्ही जान’

जानकारी के अनुसार, जरौली फेज वन स्थित मायावती कॉलोनी निवासी बबलू भदौरिया को रात के सन्नाटे में अपनी छत से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। एक प्लास्टिक के झोले के भीतर नवजात शिशु ठंड से कांप रहा था। बबलू ने तुरंत नीचे आकर शोर मचाया, जिसके बाद कॉलोनी के लोग इकट्ठा हो गए।

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अलाव से मिली जिंदगी की गर्माहट

ठंड के कारण बच्चे का शरीर नीला पड़ रहा था। मोहल्ले की महिलाओं (अमिता सिंह, निशा किरण) और संदीप ने तुरंत अलाव जलाकर बच्चे को गर्माहट दी। इसके बाद उसे तत्काल विवेकानंदनगर स्थित साईं राम हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा काफी समय तक खुले आसमान के नीचे रहा, जिससे उसे ‘हाइपोथर्मिया’ (शरीर का तापमान गिरना) का खतरा था, लेकिन सही समय पर प्राथमिक उपचार और गर्मी मिलने से उसकी जान बच गई।

जांच में जुटी पुलिसडीसीपी

साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। फिलहाल बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए उसे अस्थायी रूप से देखभाल के लिए बबलू भदौरिया के सुपुर्द किया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और आसपास के अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मासूम को इस तरह मौत के मुंह में धकेलने वाला कौन है

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