उत्तर प्रदेश के कानपुर में रजिस्ट्री कार्यालय उस समय सुर्खियों में आ गया जब आयकर विभाग की क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम ने वहां छापेमारी की। यह कार्रवाई स्टांप शुल्क से जुड़े सरकारी डाटा और वास्तविक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड में करोड़ों रुपये के अंतर को लेकर की गई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर आयकर विभाग की तीन सदस्यीय टीम असिस्टेंट कमिश्नर के निर्देशन में भारी पुलिस बल के साथ कानपुर के निबंधन कार्यालय पहुंची। टीम ने कार्यालय में मौजूद डिजिटल और मैनुअल रिकॉर्ड की गहन जांच की।
सूत्रों के मुताबिक, यह छापा किसी एक रजिस्ट्री में गड़बड़ी को लेकर नहीं, बल्कि एक ही दिन में हुई रजिस्ट्रियों से संबंधित स्टांप शुल्क के कुल डाटा में सामने आए बड़े अंतर को लेकर मारा गया। बुधवार को हुई रजिस्ट्रियों के आंकड़ों में करोड़ों रुपये का अंतर पाए जाने के बाद आयकर विभाग ने जांच शुरू की थी।
बताया जा रहा है कि रजिस्ट्री विभाग द्वारा इंडस्ट्री से जुड़े स्टांप शुल्क का जो डाटा आयकर विभाग को भेजा गया था, वह वास्तविक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा था। इसी असमानता की पुष्टि के लिए मौके पर पहुंची टीम ने स्टांप शुल्क की गणना, डाटा ट्रांसफर प्रक्रिया और रिकॉर्ड संधारण की जांच की।
जांच के दौरान कार्यालय के कर्मचारियों से भी आवश्यक जानकारी ली गई। फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
