सड़क सुरक्षा माह: ‘जीरो फैटेलिटी’ के लिए कानपुर RTO का बड़ा कदम; 593 चालकों की सेहत जांची, अनफिट स्कूली बसों पर शिकंजा – NewsKranti

सड़क सुरक्षा माह: ‘जीरो फैटेलिटी’ के लिए कानपुर RTO का बड़ा कदम; 593 चालकों की सेहत जांची, अनफिट स्कूली बसों पर शिकंजा

कानपुर में सड़क सुरक्षा माह को 'जीरो फैटेलिटी' बनाने की कवायद। उजाला सिग्ग्रेस नोबल हॉस्पिटल के सहयोग से चालकों का चेकअप और स्कूली बसों की फिटनेस जांच।

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ख़बर एक नज़र में :
  • अभियान: सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी से 31 जनवरी 2026)।
  • अभियान: सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी से 31 जनवरी 2026)।
  • मेडिकल कैंप: 593 चालकों का परीक्षण, 75 की नजरें कमजोर।
  • स्कूली वाहन: अनफिट बसों के खिलाफ स्कूलों में जाकर की गई जांच।
  • विशेष: चिन्हित बीमार चालकों को मौके पर ही निशुल्क दवा वितरण।

कानपुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री निर्देशों के क्रम में प्रदेश भर में मनाए जा रहे ‘सड़क सुरक्षा माह’ को सफल बनाने के लिए कानपुर परिवहन विभाग पूरी तरह सक्रिय है। सोमवार को संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) कार्यालय के सारथी भवन में विशाल निशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य पर लाना यानी ‘जीरो फैटेलिटी’ लक्ष्य को प्राप्त करना है।

जांच में चौंकाने वाले आंकड़े: 75 चालकों की नजर कमजोर, 307 को बीपी की समस्या

उजाला सिग्ग्रेस नोबल हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 593 वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों की जांच में स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंताजनक आंकड़े सामने आए:

  • 75 चालकों की आंखों की दृष्टि (Vision) कमजोर पाई गई, जो सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है।
  • 307 चालकों में उच्च रक्तचाप (High BP) की समस्या मिली।
  • 81 व्यक्तियों में शुगर (Diabetes) के लक्षण पाए गए।

प्रो. डॉ. रवि गर्ग और उनकी टीम ने सभी चिन्हित चालकों को तत्काल निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं और उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह दी।

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स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं: अनफिट वाहनों पर कार्रवाई

मेडिकल कैंप के साथ-साथ आज जनपद में अनफिट स्कूली वाहनों के विरुद्ध एक सघन अभियान चलाया गया। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रवर्तन अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने बसों और वैन की फिटनेस, टायर की स्थिति, ब्रेक और आपातकालीन गेट्स की जांच की। निरीक्षण के दौरान जो वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरे, उनके मालिकों और स्कूल प्रबंधन को सख्त चेतावनी देते हुए नियमानुसार सुधार के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव के साथ एआरटीओ कहकशां खातून, आकांक्षा पटेल और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने चालकों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क पर आपकी सुरक्षा केवल नियमों के पालन पर ही नहीं, बल्कि आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी निर्भर करती है।

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