किश्तवाड़ मुठभेड़: डोलगाम में सेना ने जैश के 3 आतंकियों को घेरा; 'ऑपरेशन त्राशी-I' तेज़ - NewsKranti

किश्तवाड़ मुठभेड़: डोलगाम में सेना ने जैश के 3 आतंकियों को घेरा; ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ तेज़

किश्तवाड़ के डोलगाम में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच फायरिंग शुरू। जैश के आतंकियों की तलाश में 12 दिनों बाद फिर हुआ आमना-सामना। सुरक्षा के लिहाज से इंटरनेट सेवाएं निलंबित।

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ख़बर एक नज़र में :
  • सटीक खुफिया जानकारी: कई एजेंसियों के इनपुट के बाद सुबह तड़के शुरू हुआ जॉइंट ऑपरेशन।
  • ऑपरेशन त्राशी-I: 18 जनवरी से जारी इस बड़े सैन्य अभियान में अब तक कई आतंकी ठिकाने ध्वस्त।
  • घेराबंदी: जैश के 3 विदेशी आतंकियों के डोलगाम में फंसे होने की प्रबल संभावना।
  • सुरक्षा उपाय: चतरू और आसपास के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरी तरह बंद।
  • सेना का संकल्प: उत्तरी कमान के प्रमुख द्वारा जमीनी हालात और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा।

किश्तवाड़/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ शनिवार को एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। 31 जनवरी 2026 की तड़के डोलगाम के दुर्गम और बर्फ से ढके वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों का सामना एक बार फिर आतंकवादियों से हुआ। खुफिया एजेंसियों की सटीक जानकारी के बाद भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर , जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के संयुक्त दस्ते ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है।

12 दिनों बाद फिर आमना-सामना

अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ उसी आतंकी समूह के साथ हो रही है जिसने 18 जनवरी को सुरक्षा बलों पर हमला किया था, जिसमें एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था। पिछले 12 दिनों से आतंकी घने जंगलों और भारी बर्फबारी का फायदा उठाकर अपनी लोकेशन बदल रहे थे। हालांकि, तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया तंत्र की मदद से शनिवार सुबह फिर से उनसे संपर्क स्थापित किया गया।

जैश के आतंकियों पर शिकंजा

खुफिया सूत्रों का दावा है कि घेराबंदी में फंसे 2 से 3 आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के हैं। ये विदेशी मूल के आतंकी बताए जा रहे हैं, जो आधुनिक हथियारों और संचार उपकरणों से लैस हैं। सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने खुद किश्तवाड़ का दौरा कर आतंकवाद विरोधी ग्रिड की समीक्षा की है। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए स्पष्ट किया कि आतंकियों के सफाए तक अभियान रुकना नहीं चाहिए।

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इंटरनेट बंद, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुठभेड़ स्थल के आसपास करीब 6 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है। चतरू, सिंहपुरा और डोलगाम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अफवाहों को रोकने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के बीच संचार को बाधित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है और पूरे क्षेत्र में भारी अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।

चुनौतीपूर्ण इलाका और मौसम

डोलगाम का यह क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। ऊँची पहाड़ियां और 2 फीट से ज्यादा जमी बर्फ के बीच सेना के जवान अपनी जान जोखिम में डालकर ऑपरेशन चला रहे हैं। ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से आतंकियों के छिपे होने के ठिकानों का पता लगाया जा रहा है।

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