नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। नकवी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी उसी सामंती मानसिकता और ‘सत्ता के अहंकार’ से ग्रस्त है, जिसने उसे जनता से पूरी तरह काट दिया है। उन्होंने कांग्रेस की वर्तमान रणनीति को ‘हिट एंड रन’ करार देते हुए कहा कि झूठे आरोप लगाकर भाग जाना ही अब इस पार्टी की मुख्य कार्यनीति बन गई है।
“हिट एंड रन” राजनीति का क्या है अर्थ?
नकवी ने विस्तृत रूप से समझाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेता हर दूसरे दिन किसी न किसी संवैधानिक संस्था या सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। जब उन आरोपों पर तथ्य और प्रमाण मांगे जाते हैं, तो वे चुपचाप पीछे हट जाते हैं या नया झूठ गढ़ने लगते हैं। उन्होंने कहा, “यह ‘मारो और भाग जाओ’ की राजनीति लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं है। कांग्रेस भ्रम और अफवाहों की फैक्ट्री बन गई है।”
मुद्दों की कंगाली और डपोर शंख की संज्ञा
कांग्रेस के हालिया प्रदर्शनों और आंदोलनों पर चुटकी लेते हुए नकवी ने कहा कि इनके पास मुद्दों की भारी कंगाली है। उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं को ‘डपोर शंख’ (बड़ी-बड़ी बातें करने वाला लेकिन निस्सार) बताया। नकवी ने कहा, “कांग्रेस की जमीन अब बंजर हो चुकी है, लेकिन इनके हाथ में अभी भी बेवफाई का खंजर है। जो पार्टी दशकों तक सत्ता में रही, उसे आज जनता के बीच जाने का रास्ता नहीं मिल रहा है, इसलिए वह केवल शोर मचाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।”
अहंकार ने किया कांग्रेस का सियासी सूपड़ा साफ
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज भी इस मुगालते में है कि सत्ता उसका जन्मसिद्ध अधिकार है। इसी अहंकार के कारण उन्होंने जमीनी हकीकत को देखना बंद कर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव परिणामों से साफ है कि जनता ने कांग्रेस की ‘नकारात्मक राजनीति’ को बार-बार नकारा है, फिर भी कांग्रेस अपनी गलतियों से सीखने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर ही सवाल उठाने लगती है।
विपक्ष के ‘जुगाड़ का जमघट’ पर कटाक्ष
विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए नकवी ने इसे ‘जुगाड़ का जमघट’ बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ हर कोई एक-दूसरे को धोखा देने की ताक में है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो पार्टी खुद को नहीं संभाल पा रही, वह देश संभालने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। केरल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ कांग्रेस और कम्युनिस्टों के बीच ‘सांप्रदायिकता का चैंपियन’ बनने की होड़ लगी है।
