भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) ने अपने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। संस्थान ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि कैंपस में ‘सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ वेलबीइंग’ (CMHW) अब पूरी तरह सक्रिय है, जहाँ विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम चौबीसों घंटे परामर्श और सहायता के लिए उपलब्ध है।
13 विशेषज्ञों का सुरक्षा कवच
संस्थान के अनुसार, सीएमएचडब्ल्यू (CMHW) में वर्तमान में 10 पूर्णकालिक मनोवैज्ञानिक (Psychologists) और तीन मनोचिकित्सकों (Psychiatrists) का एक पैनल कार्यरत है। पूरे क्लिनिकल ऑपरेशंस की देखरेख के लिए एक अनुभवी क्लिनिकल हेड (साइकियाट्रिस्ट) की तैनाती की गई है। यह टीम गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे छात्रों और कर्मचारियों को तत्काल पेशेवर उपचार और परामर्श प्रदान करती है।
24 घंटे आपातकालीन सहायता
आइआइटी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा और भलाई के लिए 24 घंटे की आपातकालीन सहायता सेवा शुरू की गई है। किसी भी संकट की स्थिति में छात्र या कर्मचारी इस सेंटर से संपर्क कर सकते हैं।
हर स्तर पर जागरूकता अभियान
केवल परामर्श ही नहीं, बल्कि बचाव की दिशा में भी संस्थान काम कर रहा है। इसके तहत विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें निम्नलिखित वर्गों को प्रशिक्षित किया गया है:
- अकादमिक वर्ग: शिक्षक और छात्र।
- सपोर्ट स्टाफ: सुरक्षाकर्मी, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ।
- प्रशासनिक व फील्ड स्टाफ: लाइब्रेरी कर्मचारी, हॉल मैनेजर, मेस कर्मचारी और सफाई कर्मी।
उद्देश्य: इन कार्यशालाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैंपस का हर सदस्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बने और शुरुआती लक्षणों की पहचान कर सही समय पर मदद पहुँचा सके।
सामाजिक जुड़ाव और उत्सवों का सहारा
संस्थान ने मानसिक तनाव को कम करने के लिए ‘सामुदायिक जुड़ाव’ (Community Engagement) पर जोर दिया है। नियमित अंतराल पर जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न उत्सवों और कार्यक्रमों के माध्यम से कैंपस के लोगों को एक-दूसरे से मिलने और एकजुट होने के अवसर दिए जा रहे हैं, ताकि एकाकीपन की भावना को दूर किया जा सके।
