नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबे समय से जारी जेल हिरासत के लिए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने कहा कि आज अगर ये युवा बिना ट्रायल के 5 साल से अधिक समय से जेल में हैं, तो इसके पीछे उस काले कानून की नींव है जिसे कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने मजबूत किया था।
UPA सरकार और UAPA संशोधन:
ओवैसी ने याद दिलाया कि जब पी. चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे, तब गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) में कड़े संशोधन किए गए थे। ओवैसी ने कहा, “2008 में मैंने संसद में इस कानून का विरोध किया था। मैंने धारा 15(A) पर सवाल उठाए थे जिसमें ‘आतंकवाद’ की परिभाषा को इतना व्यापक बना दिया गया कि किसी को भी इसके आधार पर जेल में डाला जा सके।”
बिना चार्जशीट 180 दिन की हिरासत:
ओवैसी ने संसद में दिए अपने पुराने रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने तभी चेतावनी दी थी कि धारा 43D के तहत बिना चार्जशीट के 180 दिनों की हिरासत का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों के खिलाफ किया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के किसी नेता ने आजादी के बाद से इतनी लंबी जेल नहीं काटी जितनी ये युवा बिना ट्रायल के काट रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख:
बता दें कि 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे दिल्ली दंगों की साजिश में ‘केंद्रीय भूमिका’ में थे। हालांकि, कोर्ट ने इसी मामले में 5 अन्य आरोपियों को जमानत दे दी है।
