कानपुर। उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के मंसूबों पर पानी फेरते हुए अवैध हथियारों की फैक्ट्री का अनावरण किया है। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने परेड स्थित केसा (KESA) कार्यालय के ठीक सामने एक पुरानी और बंद पड़ी ब्रश फैक्ट्री में छापेमारी की।
पुलिस को सूचना मिली थी कि यहाँ गुपचुप तरीके से देशी तमंचे और अन्य घातक असलहे तैयार किए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
पकड़े गए अपराधियों की प्रोफाइल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- देशराज (शातिर अपराधी और हथियार निर्माता)
- मोहम्मद आकिब
- चांद बाबू
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई
फैक्ट्री से पुलिस को बड़ी मात्रा में अवैध सामान मिला है, जिसमें शामिल हैं:
- कई तैयार देशी तमंचे और असलहे।
- बड़ी संख्या में कारतूसों के खोखे।
- हथियार बनाने के आधुनिक और पारंपरिक औजार।
डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि यह फैक्ट्री पिछले 8 महीनों से संचालित की जा रही थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
जांच का दायरा: कौन थे खरीदार?
पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इन 8 महीनों में आरोपियों ने कितने तमंचे बाजार में खपाए हैं और उनके मुख्य खरीदार कौन थे। इनके नेटवर्क में शामिल अन्य साथियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
पुलिस टीम को 25 हजार का सम्मान
इस खतरनाक गैंग और फैक्ट्री का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की कार्यक्षमता को देखते हुए 25,000 रुपये के नगद इनाम की घोषणा की गई है।
अतुल श्रीवास्तव, डीसीपी सेंट्रल: “यह एक संगठित गिरोह था जो शहर के बीचों-बीच अवैध काम कर रहा था। आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही इनके पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा।”
