पटना, 24 जनवरी:
बिहार में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं। इसी कड़ी में लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजद नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा प्रहार किया है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछे हैं और राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया है।
सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल
रोहिणी आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के “सुशासन” और “कानून के राज” के दावे अब पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री जी, यह शर्म का विषय है कि आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। पूरे प्रदेश में हर दिन बहन-बेटियों के साथ अत्याचार और यौनाचार हो रहा है, लेकिन आपकी सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।”
दो झकझोर देने वाली घटनाओं का जिक्र
अपने पोस्ट में रोहिणी ने दो प्रमुख घटनाओं को आधार बनाया है:
- सारण की घटना: जहां एक नाबालिग लड़की के गले पर चाकू रखकर तीन युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
- पटना की घटना: जहां एक युवती को जिंदा जलाने की जघन्य वारदात सामने आई है।
इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए रोहिणी ने पूछा कि क्या अपराधियों के मन में कानून का रत्ती भर भी डर नहीं बचा है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी की वजह से अपराधियों के बीच यह धारणा बन गई है कि वे अपराध करके आसानी से बच निकलेंगे।
विपक्ष का बढ़ता दबाव
रोहिणी आचार्य का यह हमला ऐसे समय में आया है जब बिहार में बढ़ते अपराध ग्राफ को लेकर सरकार पहले से ही बैकफुट पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर रोहिणी की यह सक्रियता आने वाले चुनावों में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
