सुरों की मल्लिका आशा भोसले का निधन, पीएम मोदी और राजनीतिक जगत में

सुरों का एक युग समाप्त: गायिका आशा भोसले ने दुनिया को कहा अलविदा; पीएम मोदी सहित देश के दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

20 भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गाने गाने वाली महान गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। राजनीतिक जगत के दिग्गजों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

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ख़बर एक नज़र में :
  • दुखद निधन: दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन।
  • राजकीय शोक: राजनीतिक हस्तियों ने जताया दुख, महाराष्ट्र में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी।
  • अतुलनीय करियर: 20 भाषाओं में 12,000+ गानों का रिकॉर्ड।
  • प्रतिभा की धनी: शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और कैबरे गानों तक में महारत।
  • पद्म विभूषण: भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा था।

मुंबई/नई दिल्ली | भारतीय संगीत जगत की अनमोल धरोहर और सुरों की जादूगरनी आशा भोसले जी का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। आशा ताई (92 वर्ष) पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके जाने से भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।

पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक: “संगीत का एक स्तंभ ढह गया”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “आशा भोसले जी के निधन से अत्यंत पीड़ा हुई है। वह एक ऐसी कलाकार थीं जिन्होंने अपनी आवाज से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया। संगीत जगत में उनके योगदान को शब्दों में बयां करना कठिन है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।”

गृह मंत्री अमित शाह और राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आशा भोसले की आवाज हमेशा अमर रहेगी। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विविधतापूर्ण गायकी और ऊर्जा हमेशा याद की जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने राज्य में राजकीय शोक की घोषणा करने के संकेत दिए हैं।

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7 दशकों का सुनहरा सफर और विश्व रिकॉर्ड

आशा भोसले का करियर सात दशकों से अधिक लंबा रहा। उन्होंने 1943 में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनके नाम सबसे अधिक स्टूडियो रिकॉर्डिंग (सिंगल्स) का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती और अंग्रेजी सहित 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गीतों को अपनी सुरीली आवाज दी।

संगीत प्रेमियों की आंखें नम

मुंबई स्थित उनके आवास के बाहर प्रशंसकों का तांता लग गया है। फिल्म जगत के सितारों से लेकर आम जनता तक, हर कोई अपनी ‘आशा ताई’ को अंतिम विदाई देने पहुंच रहा है। सुरों के इस सफर का थमना संगीत प्रेमियों के लिए किसी व्यक्तिगत क्षति से कम नहीं है।

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