श्रीनगर, 24 जनवरी:
जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई भीषण बर्फबारी और बारिश ने पूरी घाटी को सफेद चादर से ढक दिया है। कुदरत के इस बदले मिजाज के कारण हवाई और सड़क यातायात पूरी तरह से चरमरा गया है। शुक्रवार से ही श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से किसी भी विमान ने उड़ान नहीं भरी है, वहीं जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुगल रोड और श्रीनगर-लेह मार्ग को भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
BRO की टीमें मैदान में
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की टीमें और अत्याधुनिक मशीनें शनिवार सुबह से ही श्रीनगर एयरपोर्ट के रनवे और मुख्य सड़कों से बर्फ हटाने के काम में जुटी हुई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि आज दोपहर तक एयरपोर्ट को विमानों के आवागमन के लिए तैयार कर लिया जाए। हालांकि, राजमार्गों पर फिसलन और हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए अभी भी सावधानी बरती जा रही है।
बिजली और तापमान का हाल
भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण घाटी के कई हिस्सों में बिजली के तार टूटने से अंधकार छा गया था। बिजली निगम के कर्मचारियों ने रात भर मेहनत कर करीब 60 प्रतिशत आपूर्ति बहाल कर दी है। तापमान की बात करें तो गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि श्रीनगर में यह -1.4 डिग्री दर्ज किया गया।
राहत की खबर
भले ही बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ाई हैं, लेकिन किसानों और बागवानी क्षेत्र के लिए यह राहत की खबर है। लंबे समय से चल रहा सूखा खत्म होने से जल स्रोतों में पानी का स्तर सुधरेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 जनवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे दोबारा बर्फबारी की संभावना है।
