वॉशिंगटन/नई दिल्ली:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मोर्चे पर एक बड़ा यू-टर्न लेते हुए यूरोपीय देशों को बड़ी राहत दी है। ट्रंप ने घोषणा की है कि वह 1 फरवरी से यूरोपीय देशों पर प्रस्तावित भारी टैरिफ (Tariff) नहीं लगाएंगे। यह फैसला ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र के भविष्य को लेकर हुए एक नए समझौते के बाद लिया गया है।
नाटो प्रमुख के साथ सफल रही बैठक
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रूट के साथ उनकी मुलाकात काफी सकारात्मक रही। इस बैठक में ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र के लिए एक रणनीतिक फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। ट्रंप ने कहा, “यदि यह समाधान सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो यह अमेरिका और नाटो देशों के लिए एक ऐतिहासिक डील साबित होगी।”
मिसाइल डिफेंस शील्ड ‘द गोल्डन डोम’ पर चर्चा
समझौते की बारीकियों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने ‘द गोल्डन डोम’ नामक मिसाइल डिफेंस शील्ड का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ग्रीनलैंड से जुड़ी इस सुरक्षा प्रणाली पर बातचीत अभी जारी है। इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश सचिव मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को सौंपी गई है, जो सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करेंगे।
यूरोप की नीतियों पर साधा था निशाना
इससे पहले दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान ट्रंप ने यूरोप की आव्रजन (Immigration) और आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि बढ़ता सरकारी खर्च और ग्रीन एनर्जी पर अत्यधिक फोकस यूरोप के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है। हालांकि, अब टैरिफ टालने के फैसले को तनाव कम करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
