तिरुवनंतपुरम:
केरल के समुद्री इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अदाणी समूह द्वारा संचालित विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। लगभग 9,700 करोड़ रुपये की लागत वाली यह विस्तार परियोजना न केवल केरल बल्कि पूरे भारत की लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
बढ़ेगी क्षमता, बढ़ेगा व्यापार
राज्य के बंदरगाह मंत्री वी.एन. वासवन ने बताया कि फेज-2 के पूरा होने के बाद बंदरगाह की कंटेनर हैंडलिंग क्षमता मौजूदा 1 मिलियन टीईयू से बढ़कर 5 मिलियन टीईयू प्रति वर्ष हो जाएगी। इस विस्तार के साथ विझिंजम भारत का सबसे बड़ा ‘स्ट्रेट-बर्थ’ बंदरगाह बन जाएगा, जहां एक साथ चार विशाल ‘मदरशिप’ (बड़े कंटेनर जहाज) लंगर डाल सकेंगे।
अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा
परियोजना के दूसरे चरण में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं:
- बर्थ का विस्तार: मौजूदा 800 मीटर की बर्थ को बढ़ाकर 2,000 मीटर किया जाएगा।
- ब्रेकवाटर विस्तार: लहरों को रोकने वाले ब्रेकवाटर को 4 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा।
- नया बुनियादी ढांचा: इसमें एक अत्याधुनिक रेलवे यार्ड, लिक्विड टर्मिनल, मल्टीपर्पज बर्थ और एक टैंक फार्म का निर्माण किया जाएगा।
- क्रेनों की संख्या: कुल क्रेनों की संख्या बढ़कर 100 हो जाएगी, जिसमें 30 विशाल शिप-टू-शोर क्रेन शामिल होंगी।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त
विझिंजम पोर्ट की भौगोलिक स्थिति पूर्व-पश्चिम अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग के बेहद करीब है। फेज-2 में बनने वाले लिक्विड टर्मिनल से अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकले बड़े जहाजों को ईंधन भरने की सुविधा मिलेगी, जो वर्तमान में केवल चुनिंदा वैश्विक बंदरगाहों पर ही उपलब्ध है। खास बात यह है कि इस विस्तार के लिए किसी अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी; समुद्र से निकाली गई 55 हेक्टेयर भूमि का उपयोग किया जाएगा।
