‘उद्योग नगरी’ के खेवनहार श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन

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Highlights
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री व तीन बार के सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की उम्र में निधन।
  • लंबे समय से बीमार थे; हृदय रोग संस्थान में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
  • 1989 में मेयर बने, 1999-2009 के बीच लगातार तीन बार सांसद चुने गए।
  • केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बाद में कोयला मंत्री के रूप में कार्यरत रहे।
  • कानपुर के लिए श्रम शक्ति एक्सप्रेस, उद्योग नगरी ट्रेन और सीओडी पुल जैसे विकास कार्य करवाए।
  • 2014 और 2019 दोनों लोकसभा चुनावों में पराजित हुए।
  • कोविड काल के बाद स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया।

कानपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। 81 वर्ष के जायसवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पोखरपुर स्थित आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद स्वजन उन्हें हृदय रोग संस्थान ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

श्रीप्रकाश जायसवाल तीन बार कानपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे और लगभग 10 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री के रूप में सक्रिय रहे। कांग्रेस के कद्दावर नेता के रूप में उन्होंने न सिर्फ संगठन को मजबूत किया बल्कि कानपुर में कई बड़े प्रोजेक्ट भी लाए।

1989 में मेयर बनने से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल तक जाने वाला उनका राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा। वह 1999 में पहली बार भाजपा नेता जगतवीर सिंह द्रोण को हराकर सांसद बने। इसके बाद 2004 और 2009 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की।

केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने कानपुर के लिए श्रम शक्ति एक्सप्रेस, उद्योग नगरी ट्रेन, और सीओडी पुल जैसे बड़े विकास कार्य करवाए।

माना जाता है कि कोरोना काल के बाद उनका स्वास्थ्य काफी खराब रहने लगा था और हाल में लोगों को पहचानने में भी उन्हें दिक्कत हो रही थी।


राजनीतिक सफर — एक नजर

  • 1977: कांग्रेस में सक्रिय राजनीति की शुरुआत
  • 1984-85: प्रदेश कांग्रेस बैकवर्ड संघ के प्रथम महामंत्री और बाद में चेयरमैन
  • 1989: कानपुर नगर निगम के मेयर बने
  • 1991-92: शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष
  • 1993: छावनी विधानसभा से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा
  • 1998: लोकसभा चुनाव में हार
  • 1999: पहली बार कानपुर से सांसद चुने गए
  • 2000–2002: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष
  • 2004: दूसरी बार लोकसभा पहुंचे
  • 2004–2009: केंद्रीय गृहराज्य मंत्री
  • 2009: तीसरी बार सांसद
  • 2011–2014: केंद्रीय कोयला मंत्री
  • 2014: भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी से चुनाव में हार
  • 2019: सत्यदेव पचौरी से पराजित
  • 2024: सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी
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