ओवैसी की जगह किसी बुर्का पहनने वाली को बनाओ AIMIM अध्यक्ष’, ओवैसी के ‘हिजाबी PM’ वाले बयान पर बंदी संजय का पलटवार – NewsKranti

ओवैसी की जगह किसी बुर्का पहनने वाली को बनाओ AIMIM अध्यक्ष’, ओवैसी के ‘हिजाबी PM’ वाले बयान पर बंदी संजय का पलटवार

असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर बवाल मच गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली लड़की भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। इस पर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय ने पलटवार करते हुए उन्हें अपनी पार्टी (AIMIM) में महिला नेतृत्व को मौका देने की सलाह दी है।

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Highlights
  • ओवैसी ने एक बार फिर 'हिजाब पहनने वाली प्रधानमंत्री' की इच्छा जताई।
  • बीजेपी नेता बंदी संजय ने इसे ओवैसी का दोहरा मापदंड बताया।
  • बंदी संजय की चुनौती: AIMIM का अध्यक्ष किसी बुर्का पहनने वाली महिला को बनाएं।
  • भाजपा ने ओवैसी पर तुष्टीकरण और धार्मिक राजनीति करने का आरोप लगाया।
  • सोशल मीडिया पर 'हिजाब बनाम महिला सशक्तिकरण' की बहस तेज।

हैदराबाद/नई दिल्ली:

देश की राजनीति में एक बार फिर ‘हिजाब’ को लेकर बहस तेज हो गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस पुराने संकल्प को दोहराने के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे अपने जीवनकाल में एक हिजाब पहनने वाली महिला को भारत का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं, भारतीय जनता पार्टी ने उन पर करारा हमला बोला है।

बंदी संजय की तीखी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बंदी संजय ने ओवैसी के बयान पर तंज कसते हुए कहा, “ओवैसी साहब बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन क्या उनकी अपनी पार्टी में महिलाओं के लिए जगह है? अगर वे वास्तव में महिलाओं का सशक्तिकरण चाहते हैं, तो उन्हें सबसे पहले किसी बुर्का पहनने वाली महिला को AIMIM का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करना चाहिए।”

ओवैसी का ‘हिजाबी PM’ वाला विजन

गौरतलब है कि ओवैसी अक्सर सार्वजनिक मंचों से कहते रहे हैं कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहाँ कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया था कि भविष्य में हिजाब पहनने वाली मुस्लिम लड़की देश का नेतृत्व करेगी। उनके इस बयान को ध्रुवीकरण की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

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लोकतंत्र और महिला अधिकार की दुहाई

भाजपा ने आरोप लगाया कि ओवैसी केवल धर्म के आधार पर राजनीति कर रहे हैं। बंदी संजय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री पद योग्यता से मिलता है, किसी परिधान या मजहब के आधार पर नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि ओवैसी की पार्टी के कितने उच्च पदों पर महिलाएं काबिज हैं?

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