नई दिल्ली: थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना सीमा पार की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और किसी भी दुस्साहस का जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा।
8 आतंकी कैंप रडार पर
जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि वर्तमान में सीमा पार 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं। इनमें से 2 अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) और 6 नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, इन कैंपों में लगभग 100 से 150 आतंकी मौजूद हैं, जो घुसपैठ की फिराक में हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बड़ी कामयाबी
सेना प्रमुख ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बताया कि भारतीय सेना ने पहली बार पारंपरिक और परमाणु युद्ध के बीच की क्षमता का उपयोग करते हुए नई रणनीति अपनाई। 7 से 10 मई तक चले इस ऑपरेशन में 9 चिन्हित लक्ष्यों में से 7 को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 10 मई के बाद से जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
फॉरवर्ड डिप्लॉयमेंट में कमी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए घटनाक्रमों पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद दोनों देशों ने फॉरवर्ड लोकेशन से अपनी सेना की तैनाती कम की है। तनाव के दौरान जो अतिरिक्त सैन्य मूवमेंट हुआ था, उसे वापस बुला लिया गया है।
न्यूक्लियर मुद्दे पर स्पष्टीकरण
सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ डीजीएमओ स्तर की बातचीत में परमाणु हथियारों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परमाणु से संबंधित बयान राजनीतिक स्तर के थे, सेना की ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई है।
