संभल (ब्यूरो):
उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन ने पुलिस प्रशासन और सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। एसटी हसन ने कहा कि संभल हिंसा के दौरान एक युवक की मौत के मामले में स्थानीय अदालत ने पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का जो आदेश दिया था, उसे चुनौती देना अपराधियों को बचाने की कोशिश है।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस की आपत्ति पर सवाल
एसटी हसन ने कहा, “पुलिस के पास ऊपरी अदालत में जाने का अधिकार है, लेकिन यह साफ तौर पर उन लोगों को संरक्षण देने जैसा है जिन पर आरोप लगे हैं। जब कोर्ट ने किसी ठोस आधार पर ही FIR का आदेश दिया है, तो पुलिस को जांच का सामना करना चाहिए। आखिर वे कानून से क्यों बच रहे हैं?” उन्होंने आगे कहा कि ट्रायल के दौरान सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि अपराधी कौन है, लेकिन शुरुआती स्तर पर ही एफआईआर को रोकना न्याय प्रक्रिया को टालने जैसा है।
सांप्रदायिक राजनीति और आरएसएस पर भी बोले हसन
इसी दौरान एसटी हसन ने धीरेंद्र शास्त्री (बाबा बागेश्वर) और आरएसएस पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में डर का माहौल बना रहे हैं, लेकिन जब तक देश में धर्मनिरपेक्ष हिंदू और मुसलमान साथ हैं, कोई भी देश की एकता को भंग नहीं कर सकता। उन्होंने आरएसएस को समाज में जहर घोलने वाला संगठन बताते हुए कहा कि ऐसी संस्थाओं पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।
