मुख्य बिंदु :
- विवाद की जड़: बिल्हौर में मवेशियों के अवशेष मिलने के बाद उपजा तनाव।
- विवादित बयान: भाजपा विधायक राहुल सोनकर पर मस्जिद के बाहर आपत्तिजनक वस्तु फेंकने संबंधी बयान का आरोप।
- कानूनी कार्रवाई: सपा की पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने पुलिस को दी FIR हेतु अर्जी।
- जनता का आक्रोश: जाजमऊ की मदीना मस्जिद के बाहर मुस्लिम समाज का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन।
- प्रशासनिक रुख: इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, भड़काऊ बयानबाजी पर कड़ी नजर।
कानपुर नगर| कानपुर के बिल्हौर में मवेशियों की खाल और हड्डियां मिलने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक कार्रवाई किए जाने के बावजूद, जनप्रतिनिधियों की बयानबाजी ने शहर के माहौल को गरमा दिया है। मामला उस समय और गंभीर हो गया जब बिल्हौर से भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर का एक कथित विवादित बयान सामने आया।
भाजपा विधायक के बयान पर सपा का तीखा प्रहार
विधायक राहुल सोनकर के कथित बयान, जिसमें उन्होंने मस्जिद के बाहर आपत्तिजनक सामग्री फेंकने की बात कही थी, उस पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक हसन रूमी के तीखे पलटवार के बाद अब पार्टी की पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने इस बयान को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताते हुए विधायक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
जाजमऊ में फूटा गुस्सा, प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग
विधायक के बयान से नाराज मुस्लिम समाज के लोगों ने शुक्रवार को जाजमऊ स्थित केडीए मदीना मस्जिद के बाहर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने शासन से मांग की है कि राहुल सोनकर को विधायक पद से निष्कासित किया जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, शांति बनाए रखने की अपील
शहर में बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। बिल्हौर से लेकर जाजमऊ तक संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच जारी जुबानी जंग ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
