भक्ति के रंग में रंगा बैजूपुरवा: ग्राम प्रधान पंकज सिंह यादव ने व्यास पीठ पर नवाया शीश , भागवत कथा को बताया जीवन का सार - NewsKranti

भक्ति के रंग में रंगा बैजूपुरवा: ग्राम प्रधान पंकज सिंह यादव ने व्यास पीठ पर नवाया शीश , भागवत कथा को बताया जीवन का सार

रूरा के बैजूपुरवा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में ग्राम प्रधान पंकज सिंह यादव ने व्यास पीठ पर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कथा को आध्यात्मिक जागृति और मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल माध्यम बताया।

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ख़बर एक नज़र में :
  • आयोजन: श्रीमद् भागवत महापुराण कथा।
  • स्थान: ग्राम बैजूपुरवा, थाना रूरा, कानपुर देहात।
  • मुख्य अतिथि: ग्राम प्रधान पंकज सिंह यादव।
  • प्रमुख संदेश: भागवत कथा से पापों की मुक्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
  • माहौल: भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय, भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति।

कानपुर देहात। जनपद के रूरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव बैजूपुरवा में इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। अवसर है गांव में आयोजित भव्य श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का, जो अब भक्ति, सद्भाव और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन चुकी है। इस पावन अनुष्ठान में स्थानीय ग्राम प्रधान पंकज सिंह यादव ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराते हुए सनातन परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।

व्यास पीठ पर नमन और कथावाचक का सत्कार

कथा स्थल पर पहुँचते ही ग्राम प्रधान पंकज सिंह यादव ने सबसे पहले व्यास पीठ (जहाँ बैठकर कथा सुनाई जाती है) के समीप जाकर श्रद्धापूर्वक शीश नवाया। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए कथावाचक को फूल-माला अर्पित की और उनका आशीर्वाद लिया। प्रधान जी का यह सरल और भक्तिपूर्ण व्यवहार उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा। उनके साथ गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया है।

“कथा सुनने मात्र से कट जाते हैं जन्मों के पाप”

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंकज सिंह यादव ने भागवत महापुराण की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “संसार की भागदौड़ और मोह-माया के बीच श्रीमद् भागवत कथा ही वह नौका है, जो मनुष्य को भवसागर से पार उतारती है। इसके श्रवण मात्र से अंतःकरण शुद्ध होता है और जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है।” प्रधान जी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने व्यस्त समय से कुछ पल निकालकर भगवान की लीलाओं का रसपान करें, क्योंकि यही वह मार्ग है जो शांति और सद्गति प्रदान करता है।

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आध्यात्मिक जागृति का केंद्र बना बैजूपुरवा

कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग कथा सुनने पहुँच रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिगत रूरा पुलिस भी समय-समय पर जायजा ले रही है। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में कथा के साथ-साथ भव्य भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।

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