मुंबई | भारतीय सिनेमा में कोर्टरूम ड्रामा का एक अलग ही क्रेज रहा है। ‘तारीख पर तारीख’ से लेकर ‘अरशद वारसी के तर्क’ तक, अदालती बहसों ने हमेशा दर्शकों को कुर्सी से बांध कर रखा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए अब संजीव जयसवाल अपनी नई फिल्म ‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’ के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। 13 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही यह फिल्म न केवल एक कानूनी लड़ाई है, बल्कि आम आदमी के संघर्ष की एक मार्मिक गाथा भी है।
कसाब से ‘दीपक’ तक का चुनौतीपूर्ण सफर
फिल्म ‘The Attacks of 26/11’ में अजमल कसाब का खौफनाक किरदार निभाकर रातों-रात सुर्खियां बटोरने वाले संजीव जयसवाल इस बार बिल्कुल अलग अवतार में हैं। वह ‘दीपक’ नाम के एक सीधे-सादे ग्रामीण युवक की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की पूरी कहानी दीपक के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो व्यवस्था और कानून के पेचीदा गलियारों में अपनी सच्चाई साबित करने के लिए संघर्ष करता है। संजीव के लिए यह किरदार एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि उन्हें एक विलेन की छवि से निकलकर एक नायक की सादगी को जीना था।
मेरठ की मिट्टी और असली लोकेशन का जादू
निर्देशक रजनीश जयसवाल ने फिल्म की प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए किसी सेट का सहारा लेने के बजाय उत्तर प्रदेश के मेरठ की वास्तविक लोकेशन्स को चुना। फिल्म की शूटिंग मेरठ की कचहरी और स्थानीय गलियों में की गई है। ग्रामीण पृष्ठभूमि और कोर्टरूम की सघन बहसें फिल्म को एक कड़क और वास्तविक (Raw & Gritty) एहसास देती हैं। निर्माता अरुण कुमार का मानना है कि रियल लोकेशन की वजह से फिल्म के हर दृश्य में दर्शकों को यूपी की मिट्टी की खुशबू और वहां के कानूनी संघर्ष की गहराई महसूस होगी।
दिग्गज कलाकारों की जुगलबंदी
लवली फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार कास्ट है। संजीव जयसवाल के साथ स्क्रीन पर राजेश शर्मा, बृजेंद्र काला और अंजू जाधव जैसे अनुभवी कलाकार अपनी अदाकारी का लोहा मनवाएंगे।
- राजेश शर्मा: अपनी कड़क आवाज और संवाद अदायगी के लिए मशहूर राजेश शर्मा ने फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- बृजेंद्र काला: अपने सहज अभिनय से फिल्म में संजीदगी और कहीं-कहीं व्यंग्य का पुट डालने का काम करेंगे। संजीव जयसवाल ने बताया कि नाना पाटेकर के साथ काम करने के बाद, राजेश शर्मा के साथ स्क्रीन शेयर करना उनके लिए सीखने वाला अनुभव रहा।
सिर्फ फिल्म नहीं, सामाजिक संदेश भी
फिल्म ‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’ अदालत में होने वाली केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं है। यह हमारे समाज की न्याय व्यवस्था, भ्रष्टाचार और एक आम इंसान की बेबसी को उजागर करती है। ट्रेलर को सोशल मीडिया पर मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स ने यह साबित कर दिया है कि दर्शक अब ऐसी कहानियों के भूखे हैं जो जमीन से जुड़ी हों।
संजीव जयसवाल का आगे का प्लान
संजीव जयसवाल केवल इसी फिल्म तक सीमित नहीं हैं। वह आने वाले समय में ओटीटी (OTT) पर भी अपनी धाक जमाने वाले हैं।
- वेब सीरीज: ‘STF: तू जीत के लिए बना है’ में वह एक खूंखार गैंगस्टर की भूमिका में दिखेंगे।
- आगामी फिल्म: उनकी फिल्म ‘कर्म’ भी रिलीज के लिए कतार में है।
