Kanpur News: कानपुर में अचानक धंसा नाला, बीएड परीक्षा देने आए छात्र

मकराबटगंज में अचानक धंसा नाला, बीएड परीक्षार्थी कीचड़ में डूबे; एडमिट कार्ड और कपड़े हुए बर्बाद

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को बड़ा हादसा सामने आया। मकराबटगंज स्थित एचएन मिश्रा कॉलेज के पास अचानक मुख्य नाले की स्लैब धंस गई। इसकी चपेट में आकर बीएड प्रवेश परीक्षा देने आए कई छात्र-छात्राएं गंदे नाले में गिर गए, जिससे उनके एडमिट कार्ड और किताबें पूरी तरह बर्बाद हो गए।

admin
By
admin
4 Min Read
ख़बर एक नज़र में :
  • हादसे का स्थान: एचएन मिश्रा कॉलेज के पास, केडी पैलेस के बगल में, मकराबटगंज, कानपुर।
  • घटना का समय: रविवार सुबह, बीएड (B.Ed) प्रवेश परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले।
  • मुख्य कारण: सड़क किनारे बने मुख्य नाले की जर्जर स्लैब का अचानक धंस जाना।
  • नुकसान: कई छात्रों के कपड़े, पढ़ाई की सामग्री और परीक्षा एडमिट कार्ड पूरी तरह बर्बाद।
  • राहत: स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से सभी छात्रों को सुरक्षित निकाला गया, कोई गंभीर हताहत नहीं।

कानपुर, 31 मई 2026: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। शहर के मकराबटगंज इलाके में परीक्षा देने आए दर्जनों छात्र प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो गए। रविवार को यहां स्थित एचएन मिश्रा कॉलेज में बीएड (B.Ed) प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले, कॉलेज के मुख्य मार्ग पर बना एक बड़ा नाला अचानक ताश के पत्तों की तरह धंस गया। इस हादसे की चपेट में आने से परीक्षा केंद्र की ओर बढ़ रहे कई छात्र-छात्राएं सीधे नाले के गहरे कीचड़ और गंदे पानी में जा गिरे।

इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में कई छात्रों के जरूरी दस्तावेज, किताबें, कपड़े और सबसे महत्वपूर्ण ‘एडमिट कार्ड’ (प्रवेश पत्र) पूरी तरह से भीगकर नष्ट हो गए।

परीक्षा के तनाव के बीच मची अफरा-तफरी

चश्मदीदों के मुताबिक, रविवार सुबह एचएन मिश्रा कॉलेज (जो केडी पैलेस के बिल्कुल बगल में स्थित है) के बाहर छात्रों की भारी भीड़ थी। परीक्षार्थी समय पर सेंटर पहुंचने की जल्दी में थे और मानसिक रूप से परीक्षा के दबाव में थे। इसी दौरान सड़क के किनारे बने नाले के ऊपर रखी कंक्रीट की भारी स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गई।

- Advertisement -

स्लैब टूटने से वहां से गुजर रहे दर्जनों छात्र संभल नहीं पाए और सीधे गहरे गंदे पानी में समा गए। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद स्थानीय दुकानदारों, अभिभावकों और अन्य परीक्षार्थियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और नाले में गिरे छात्रों को एक-एक कर बाहर निकाला।

छात्रों की सालभर की मेहनत पर संकट, एडमिट कार्ड हुए खराब

गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी छात्र को कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं आई और समय रहते सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन इस हादसे ने छात्रों को मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया। नाले से बाहर निकले छात्र-छात्राओं की स्थिति दयनीय थी। उनके कपड़े पूरी तरह कीचड़ से सने थे और उनके हाथों में मौजूद बैग, कीमती किताबें और परीक्षा में बैठने के लिए अनिवार्य ‘एडमिट कार्ड’ पानी में गल चुके थे।

रोते-बिलखते छात्रों ने बताया कि वे सालभर से इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन परीक्षा हॉल में जाने से ठीक पहले उनके साथ यह हादसा हो गया। बिना साफ एडमिट कार्ड के परीक्षा में बैठने की अनुमति को लेकर भी छात्रों के बीच असमंजस और डर का माहौल बन गया।

नगर निगम और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

इस घटना के बाद मौके पर मौजूद अभिभावकों और छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कानपुर नगर निगम और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

“जब प्रशासन और कॉलेज को पहले से पता था कि यहाँ हज़ारों की संख्या में छात्र परीक्षा देने आने वाले हैं, तो परीक्षा केंद्र के मुख्य रास्ते की सुरक्षा जांच क्यों नहीं की गई? जर्जर नाले को ठीक क्यों नहीं कराया गया? छात्रों के भविष्य के साथ यह सरासर खिलवाड़ है।” — एक आक्रोशित अभिभावक

छात्रों का कहना है कि वे पहले से ही परीक्षा को लेकर मानसिक तनाव में थे और इस प्रशासनिक चूक ने उनकी बची-कुची हिम्मत भी तोड़ दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस नाले की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी, लेकिन नगर निगम ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

Share This Article