कानपुर, 21 जून 2026। कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में शनिवार को एक बेहद गंभीर डॉग अटैक की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। खतरनाक नस्ल के पालतू कुत्तों ने 55 वर्षीय महिला पर हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। महिला को पहले काशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर Lala Lajpat Rai Hospital (हैलट अस्पताल) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार महिला को शरीर पर 30 से अधिक जगहों पर काटा गया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
हमले के अगले दिन मालिक ने कुत्तों को जालौन फार्म हाउस भेजा
घटना के बाद रविवार को नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने फ्रेंड्स कॉलोनी पहुंची, लेकिन तब तक कुत्तों के मालिक अशोक बिग ने तीनों कुत्तों को जालौन स्थित अपने फार्म हाउस भेज दिया था। बताया गया कि तीनों कुत्ते बेहद आक्रामक नस्ल के थे और घटना के बाद मालिक ने उन्हें शहर से बाहर भेज दिया।
मालिक का कहना है कि उन्होंने ऐसा आसपास के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए किया ताकि आगे कोई और घटना न हो। हालांकि इस कदम के बाद स्थानीय लोगों में कई सवाल उठने लगे हैं।
मालिक का दावा — बैग हिलाने से भड़के कुत्ते
कुत्तों के मालिक अशोक बिग ने दावा किया कि महिला जिस कमरे में गई थीं वहां तीनों कुत्ते मौजूद थे। उनके अनुसार बाहर निकलते समय महिला के हाथ में मौजूद बैग हिलने लगा, जिससे कुत्ते उग्र हो गए और अचानक हमला कर दिया।
हालांकि घटना के बाद उन्होंने मीडिया से सीधे बात करने से इनकार कर दिया। इस रवैये को लेकर स्थानीय लोग नाराज दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप, पहले भी कर चुके हैं हमला
फ्रेंड्स कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार इन कुत्तों ने पहले भी कई लोगों पर हमला किया है, लेकिन पहले हमले इतने गंभीर नहीं थे, इसलिए किसी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।
लोगों का कहना है कि अक्सर इन खतरनाक कुत्तों को खुले में छोड़ दिया जाता था, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर हमेशा डर में रहते थे। लेकिन मालिक के प्रभावशाली होने के कारण लोग खुलकर विरोध करने से बचते रहे।
पुलिस शिकायत के बाद नगर निगम और प्रशासन सक्रिय
शनिवार शाम हुई इस घटना के बाद पीड़िता गीता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची।
हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही कुत्तों को शहर से बाहर भेज दिया गया था, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
डॉक्टर बोले — यह ग्रेड 3 डॉग बाइट, बेहद गंभीर मामला
हैलट अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार महिला को हुआ हमला ग्रेड-3 डॉग बाइट की श्रेणी में आता है, जिसे अत्यंत गंभीर माना जाता है। महिला के शरीर पर 30 से अधिक गहरे घाव पाए गए हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
खतरनाक नस्ल के कुत्तों के रजिस्ट्रेशन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कुत्तों के मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि क्या इन खतरनाक नस्ल के कुत्तों का नगर निगम में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराया गया था या नहीं।
जानकारों के मुताबिक रॉटविलर जैसी आक्रामक नस्ल के कुत्तों को पालने के लिए नगर निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। फिलहाल इस बात की जांच जारी है।
