नई दिल्ली : संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। “संसद चलो” मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनाव की स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग की और कुछ जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया।
प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी शुरू हुई। सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की गई। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने संसद क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
वहीं, संसद के भीतर भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिससे सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। मॉनसून सत्र के पहले ही दिन राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा।
दिल्ली में प्रदर्शन और संसद के पहले दिन सियासी हलचल, सरकार-प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू
