नई दिल्ली, 25 जुलाई। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर पिछले कई सप्ताह से चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हाल के दिनों में छात्रों, विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा जवाबदेही तय करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज हो गई थी।
इस्तीफे के बाद जारी अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोपरि है और उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक सुधार जारी रहने चाहिए।
उधर, छात्र संगठनों ने इस फैसले को अपनी मांगों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। हालांकि प्रदर्शनकारी अब भी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम देश की परीक्षा प्रणाली और शिक्षा प्रशासन में सुधार को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी और आगे की सुधारात्मक कार्ययोजना पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
