नई दिल्ली में शनिवार को उस समय राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म हो गया जब Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हजारों छात्र और युवा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जुट गए। यह प्रदर्शन परीक्षा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की।
सुबह से ही जंतर-मंतर, संसद मार्ग, IGI एयरपोर्ट और कई संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 40 पैरामिलिट्री कंपनियां दिल्ली में तैनात की गईं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अमेरिका से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी। हालांकि बाद में दीपके ने समर्थकों से एयरपोर्ट न आने और सीधे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।
दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से किताब और तिरंगा साथ लाने की अपील भी की।
क्या हैं प्रदर्शन की मुख्य मांगें?
CJP और प्रदर्शन में शामिल युवाओं की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर रही। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लगातार परीक्षा पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि NEET, भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। जंतर-मंतर पर कई छात्र “Education System Save करो” और “Students Need Justice” जैसे पोस्टर लेकर पहुंचे।
दिल्ली पुलिस की कड़ी निगरानी
दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि CJP की ओर से प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई है। हालांकि बाद में सीमित समय के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई। पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की इजाजत दी।
सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और दिल्ली बॉर्डर पर भी निगरानी बढ़ा दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखना है।
सोशल मीडिया से सड़क तक पहुंचा आंदोलन
CJP की शुरुआत सोशल मीडिया अभियान के रूप में हुई थी, लेकिन अब यह एक बड़े युवा आंदोलन में बदलता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस अभियान को सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों का समर्थन मिला है।
इस आंदोलन को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत कई चर्चित लोगों का समर्थन भी मिला। सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो वह लंबा अनशन करेंगे।
सरकार पर बढ़ रहा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक जैसे मुद्दों ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन आने वाले समय में देश की राजनीति और छात्र आंदोलनों पर बड़ा असर डाल सकता है।
