Uttar Pradesh :: कानपुर-लखनऊ के बीच हाल ही में शुरू हुए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर पहली ही बारिश के बाद सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, उद्घाटन के करीब 13 दिन बाद उन्नाव के कोरारी क्षेत्र के पास एक्सप्रेसवे की कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन में मिट्टी खिसकने से सड़क पर दरारें पड़ गईं और कुछ हिस्सों में पानी भर गया।
घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद निर्माण एजेंसी ने मौके पर टीम भेजकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। एजेंसी का कहना है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत कर स्थिति को सामान्य बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यातायात पर बड़ा असर नहीं पड़ा है।
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस छह-लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को किया गया था। यह मार्ग कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा समय को काफी कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है, लेकिन शुरुआती बारिश में ही सामने आई इस घटना ने परियोजना की गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए परियोजना में संभावित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। हालांकि, संबंधित एजेंसियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जा रही है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पहली बारिश में धंसा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, उद्घाटन के 13 दिन बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
