अमिताभ बाजपेयी नजरबंद कानपुर की घटना

शिलान्यास से पहले सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी नजरबंद, घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात

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ख़बर एक नज़र में :
  • नजरबंदी की कार्रवाई: कानपुर के आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी को उनके निवास पर पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया।
  • शिलान्यास पर रोक: विधायक को अपनी ही निधि से स्वीकृत विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम में जाने से रोका गया।
  • प्रशासन पर आरोप: विधायक ने वीडियो जारी कर इसे 'लोकतंत्र की काली रात' बताया और प्रशासन पर विकास कार्य रोकने का आरोप लगाया।
  • छावनी में तब्दील इलाका: विधायक आवास और परमट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में देर रात सियासी हलचल तेज हो गई। आर्यनगर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के कद्दावर विधायक अमिताभ बाजपेयी को प्रशासन ने उनके आवास पर नजरबंद (House Arrest) कर दिया है। विधायक के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है।

क्या है पूरा विवाद?

​विधायक अमिताभ बाजपेयी ने देर रात 12:15 बजे एक वीडियो संदेश जारी करते हुए इस स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार (कल) सुबह 11:00 बजे उन्हें अपनी विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत कई विकास कार्यों का शिलान्यास करना था। विधायक का दावा है कि इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर पहले ही पूरे हो चुके हैं।

​अमिताभ बाजपेयी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जनता के हित में होने वाले विकास कार्यों को रोकने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने इस घटनाक्रम को ‘लोकतंत्र की काली रात’ करार दिया।

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परमट इलाके में भी सघन चौकसी

​विधायक ने अपने वीडियो में यह भी उल्लेख किया कि न केवल उनका निवास, बल्कि विकास कार्यों से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों जैसे ‘परमट’ को भी पुलिस ने छावनी बना दिया है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी की गई है कि विधायक को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

समर्थकों से शांति की अपील

​कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विधायक ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “प्रशासन चाहे कितनी भी बाधाएं उत्पन्न करे, हम विकास की लड़ाई जारी रखेंगे। सभी साथी अभी संयम रखें और घरों में विश्राम करें। कल सुबह 10:00 बजे हम आगे की रणनीति तय करेंगे।”

प्रशासनिक पक्ष

​हालांकि पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से इस नजरबंदी पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

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